पालिका के कर अधीक्षक कार्यमुक्त, कार्यालय सील
पिलखुवा। पालिकाध्यक्ष गीता गोयल ने पालिका को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में कर अधीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह को कार्यमुक्त कर दिया है। पालिकाध्यक्ष द्वारा कर अधीक्षक के कार्यालय को भी सील किया गया है। कर अधीक्षक पर अधिकारों का दुरुपयोग करने, विभिन्न आरोपों का जवाब न देने समेत कई आरोप हैं। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि कार्यालय में मौजूद कर संबंधित फाइलों की जांच भी कराई जाएगी।
पिलखुवा नगर पालिका परिषद इन दिनों विवादों का केंद्र बना है। वीरेंद्र प्रताप सिंह 2012 से नगर पालिका में कर अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। पालिकाध्यक्ष गीता गोयल ने बताया कि कर अधीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह से उनके कार्यों से संबंधित समय-समय पर लिखित में जवाब मांगा गया था, लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। कार्यमुक्त आदेश पत्र में कहा गया है कि नगर पालिका अधिनियम 1916 के अनुसार मकानों के नाम परिवर्तन का अधिकार नगर पालिका के निर्वाचित बोर्ड को है। लेकिन, वीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा नाम परिवर्तन करने की कोई फाइल बोर्ड के समक्ष नहीं रखी गई। बल्कि खुद की नाम परिवर्तन कर दिए। यह बोर्ड के अधिकारों की अवहेलना है। शैलेष फार्म स्थित दुकानों को किराये पर नहीं उठाया गया। जिससे नगर पालिका को पिछले आठ साल से किराये का नुकसान हो रहा है। इस बाबत लिखित में जवाब तलब किया, लेकिन वीरेंद्र प्रताप द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि कर अधीक्षक द्वारा पिछले आठ साल में नगर पालिका को बड़ी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। कार्यों संबंधित कोई जवाब नहीं दिया गया है। इसके चलते उन्हें कार्यमुक्त किया गया है और हिदायत दी गई है कि वह निदेशक नगर निकाय कार्यालय में अपना योगदान प्रस्तुत करें। पालिकाध्यक्ष की इस कार्रवाई से पालिका कर्मियों में अफरातफरी मची है।
--
नगर पालिका को आर्थिक नुकसान पहुंचाने समेत कई आरोपों के चलते कर अधीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह को कार्यमुक्त किया गया है। कार्यालय से अभिलेख गायब न हों और उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सके इसके चलते कार्यालय को सील किया गया है। -गीता गोयल, पालिकाध्यक्ष
--
पालिकाध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। इस बाबत संबंधित अधिकारियों से शिकायत करके न्याय की गुहार लगाएंगे। पालिकाध्यक्ष ने शासनादेश का उल्लंघन करते कार्यमुक्त किया है। -वीरेंद्र प्रताप सिंह