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मानदेय कम देने पर प्रशिक्षु चिकित्सकों ने किया हंगामा

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मानदेय कम देने पर प्रशिक्षु चिकित्सकों ने किया हंगामा
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पिलखुवा। नेशनल हाईवे स्थित एक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रशिक्षु चिकित्सकों ने सरकार द्वारा तय मानदेय न देने व मेडिकल फीस भी अधिक वसूलने का आरोप लगाते हुए गेट बंद करते हुए हंगामा व धरना प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने बताया कि 15 दिन पहले डीएम व सीएमओ से शिकायत की गई थी लेकिन इसके बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। हालांकि शाम को कॉलेज प्रबंधन के कहने पर छात्रों ने गेट खोलकर धरना समाप्त कर दिया।
आंदोलनरत प्रशिक्षु चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन सरकार के आदेश भी नहीं मान रहा है। सरकार ने एमबीबीएस छात्रों की मेडिकल फीस 11 लाख पांच हजार निश्चित की हुई हैं। इसके बावजूद भी कॉलेज प्रशासन द्वारा 12 लाख 70 हजार रुपये लिए गए हैं। एमबीबीएस करने के बाद सभी छात्रों को उसी कॉलेज में एक साल प्रशिक्षु चिकित्सक के तहत काम करना होता है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा 12 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय और कोविड ड्यूटी करने पर सात हजार रुपये अतिरिक्त देने के आदेश हैं। उक्त मेडिकल कॉलेज में 150 प्रशिक्षु चिकित्सक हैं। सभी ने कोरोना संक्रमण काल में पूरी मेहनत व लगन से काम किया। लेकिन कॉलेज प्रशासन 19 हजार प्रतिमाह देने के स्थान पर छह हजार रुपये प्रतिमाह दे रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इस संबंध में एक जुलाई को जिला मुख्यालय पर डीएम और सीएमओ को ज्ञापन भी दे चुके हैं। इससे पहले भी एक बार मिले थे। लेेकिन इसके बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हो पाया। वहीं मेडिकल कॉलेज का गेट बंद होने पर प्रबंधन ने छात्रों को एफआईआर की चेतावनी दी। जिसके बाद छात्रों ने धरना तो समाप्त कर दिया लेकिन इस संबंध में डीएम से मिलकर शिकायत करने का निर्णय लिया। धरना देने वालों में डॉ. रजत गोयल, डॉ. पल्लव वत्स, डॉ. शुभम टांक, डॉ. आदित्य शर्मा, डॉ. निशांत, डॉ. नूतन, डॉ. अंकित चौधरी, डॉ. चंद्रमल्लिका, डॉ. निरुपमा, डॉ. योगिता सूरी, डॉ. सोनल, डॉ. आदित्य शंकर प्रसाद, डॉ. दीपा, डॉ. अमित त्रिपाठी आदि ट्रेनी चिकित्सक उपस्थित रहे।
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आज डीएम से मिलेंगे चिकित्सक
प्रशिक्षु चिकित्सकों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने एफआईआर की धमकी देकर धरना तो समाप्त करा दिया लेकिन उनकी मांग जारी रहेगी। शुक्रवार को सभी चिकित्सक एकत्र होकर कलक्ट्रेट जाकर डीएम से मिलेंगे। इससे पहले भी दो बार शिकायत कर चुके हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी संघर्ष जारी रहेगा।
जल्द समाप्त होगा धरना
कॉलेज के प्रधानाचार्य का कहना है कि सरकार द्वारा प्रशिक्षु चिकित्सक को मानदेय देना निर्धारित नहीं किया हुआ हैं। कॉलेज प्रशासन द्वारा स्वयं तय मानदेय दिया जाता हैं। प्रशिक्षु चिकित्सकों से बात की जा रही है, शीघ्र की धरना समाप्त करा दिया जाएगा।
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कॉलेज ने नहीं दिया जवाब
प्रशिक्षु चिकित्सकों द्वारा ज्ञापन दिया गया था, जिसके बाद संबंधित कॉलेज को पत्र भेजकर मानदेय क ी जानकारी देने के निर्देश दिए गये थे। कॉलेज द्वारा अभी तक जवाब नहीं दिया गया हैं। सरकार द्वारा मानदेय तय किया हुआ है, कम देने पर मेडिकल कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- रेखा शर्मा, सीएमओ हापुड़।
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