जांच के लिए पिलखुवा पालिका पहुंची एंटी करप्शन की टीम
पिलखुवा। रिश्वत लेने के आरोप में फंसे पालिका के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी, जेई व बाबू के खिलाफ जांच करने के लिए बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन मेरठ के निरीक्षक पिलखुवा पहुंचे। जांच अधिकारी के पालिका परिसर में पहुंचते ही भगदड़ मच गई। उन्होंने आरोपियों के संबंध में पालिका कर्मियों से वार्ता की। जांच अधिकारी ने पालिका के अधिशासी अधिकारी से नामजद तीनों आरोपियों के संबंध में सात बिंदुओं पर लिखित प्रमाणित रिपोर्ट मांगी हैं।
गौरतलब है कि गत तीन फरवरी को एंटी करप्शन मेरठ की टीम ने पिलखुवा पालिका में छापा मारकर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए नगर पालिका के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विनोद कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। बाद में एंटी करप्शन की टीम ने पालिका के निर्माण विभाग के अवर अभियंता गिरीश कुमार एवं लिपिक शैलेंद्र कुमार गौड़ के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एंटी करप्शन की टीम द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विनोद को अधिशासी अधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया था। लेकिन आरोपी जेई व बाबू पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले की जांच कर रहे एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक बाबर रजा जैदी बृहस्पतिवार की शाम पिलखुवा पालिका पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल की। उन्होंने पालिका के ईओ को एक पत्र देकर सात बिंदुओ पर प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराने को कहा हैं। पालिका के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि पत्र के सभी बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।
इन बिंदुओ पर मांगी रिपोर्ट-
विनोद कुमार मैट, गिरीश कुमार जेई एवं शैलेन्द्र गौड़ लिपिक पालिका परिषद पिलखुवा के नियुक्ति अधिकारी कौन है, पद नाम सहित स्पष्ट करें। चरित्र पंजिका की सत्यापित छायाप्रति। तीनों के अधिकार कर्तव्य क्या हैं। विनोद की गिरफ्तारी के बाद विभाग द्वारा उसके खिलाफ क्या कार्यवाई की गई।
तीनों के विरुद्ध यदि कोई विभागीय जांच की गई हो या की जा रही हो तो उसकी प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराएं। तीनों का वेतन किस बैंक खाता में आता है उसका खाता संख्या एवं पूर्ण विवरण। विनोद कुमार किस क्षेत्र में किसके अधीन आता है।