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Hapur News: निमोनिया से पीड़ित मासूम को लगाए तीन टीके, मां की गोद में तोड़ा दम

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गोयना में बच्चे की मौत के बाद विलाप करते परिजन। - फोटो : HAPUR
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निमोनिया से पीड़ित मासूम को लगाए तीन टीके, मां की गोद में तोड़ा दम
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हापुड़। गोयना में निमोनिया से पीड़ित सात माह के बच्चे को जबरन तीन टीके लगा दिए गए, इससे बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। पांच घंटे बाद शरीर नीला पड़ा तो मासूम को परिजन प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया। इकलौती संतान की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया, पीड़ित परिवार ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
गोयना निवासी दीपांशु ने बताया कि उसके सात माह के बच्चे किट्टू को निमोनिया की शिकायत थी, जो धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा था। मंगलवार को घर पर उसकी पत्नी आशा अकेली थी। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग से कुछ कर्मचारी उसके घर आए और बच्चे को टीका लगवाने की बात कही। आशा ने बताया कि कर्मचारियों से वह लगातार यही कहती रही कि उसके बच्चे को बुखार है, ऐसे में टीका न लगाएं।
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लेकिन महिला कर्मचारी ने यह कह दिया कि टीका लगने से बच्चे को कोई परेशानी नहीं होगी, इसकी जिम्मेदारी हमारी है। जबरन बच्चे को तीन टीके लगाए गए, आरोप है कि दो टीके जांघ में लगे और एक टीका कंधे की जगह गर्दन में लगाया गया। इसके बाद से ही बच्चा दर्द से कराहने लगा।
रात करीब 10:30 बजे बच्चा अचेत हो गया और उसके होठ भी नीले पडने लगे। दीपांशु तुरंत ही बच्चे को गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले गया। लेकिन वहां जाते ही मां की गोद में मासूम ने दम तोड़ दिया। इकलौती संतान की मौत से मां-बाप का रोकर बुरा हाल था, वहीं परिवार के अन्य सदस्यों में भी कोहराम मचा हुआ था। गमगीन माहौल में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
प्रशिक्षण पर उठ रहे सवाल
नियमित टीकाकरण का अधिकांश कार्य आशा, एएनएम को ही पूरा करना होता है। लेकिन गोयना में जिस तरह बुखार से पीड़ित बच्चे को टीके लगाए गए, वह प्रशिक्षण पर भी सवाल खड़ा करता है। बुखार की जानकारी देने पर भी बच्चे को टीका लगाया गया, जो उसकी जान जाने का कारण बना।
बच्चे की मौत से ग्रामीणों में दहशत
टीका लगने के बाद बच्चे की मौत की खबर पर पूरे गांव में फैल गई। ऐसे में बच्चों का टीकाकरण कराने से लोग बचते नजर आए। ग्रामीणों का कहना था कि टीकाकरण से पहले बच्चों के सेहत की जांच होनी चाहिए, ताकि इस तरह का हादसा किसी और परिवार के साथ न हो।
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बेहद गरीब है परिवार
मासूम की मौत वाला परिवार बेहद गरीब है, किसी तरह परिवार गुजर बसर कर रहा है। आस पास गंदगी और जलभराव भी बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं। लेकिन परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
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मामला गंभीर, जांच कर होगी आवश्यक कार्रवाई-
मासूम की मौत का मामला गंभीर है, परिजन जिस तरह का आरोप लगा रहे हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुनील त्यागी, सीएमओ।

मासूम किट्टू का फाइल फोटो।- फोटो : HAPUR

गोयना में बच्चे की मौत के बाद जानकारी देते मासूम के माता पिता।- फोटो : HAPUR

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