गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क का निर्माण शुरू
हापुड़। नए साल से गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी तेज हो जाएंगी। गांव औरंगाबाद व गोहरा के जंगल में सीमेंटेड सब बेस के साथ सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अभी तक एक्सप्रेसवे के लिए मिट्टी भराव का कार्य ही किया जा रहा था। कार्य शुरू करने से पहले कार्यदायी संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुरक्षित और नियम से कार्य पूरा करने की शपथ भी ली।
मेरठ के बिजौली से शुरू होकर हापुड़ के 29 गांवों से गुजरते हुए 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज तक पहुंचेगा। इसके निर्माण के लिए 2025 तक का लक्ष्य रखा गया है। समय से निर्माण कार्य पूरा किया जा सके, इसके लिए आईआरबी इंफ्रा के अधिकारी और कर्मचारी दिन रात मेहनत कर रहे हैं। मिट्टी भराव का कार्य मेरठ के बिजौली से शुरू हुआ था, जबकि सड़क का निर्माण कार्य हापुड़ के गांव औरंगाबाद और गोहरा के जंगल से शुरू हुआ है। शुक्रवार शाम इंजीनियर्स और कर्मचारियों की टीम ने कार्य की शपथ के साथ शुरूआत कर दी। फिलहाल टीम द्वारा सीमेंटेड सब बेस का निर्माण शुरू किया है। इसके लिए आधुनिक मशीनों को लगाया गया है। इसकी पहली परत बिछाने का कार्य नए साल में और गति पकड़ेगा। जिसके बाद इसके ऊपर सड़क बिछाने का कार्य किया जाएगा।
क्या होता है सीमेंटेड सब बेस --
कार्य में जुटे अधिकारियों के अनुसार सीमेंटेड सब बेस मिट्टी के साथ सीमेंट, चूने और रोड़ी का मिश्रण होता है। इस पूरे मिश्रण से आधार परत तैयार की जाती है। बड़ी परियोजनाओं की शुरूआत में इस परत का निर्माण मजबूती के लिए किया जाता है। इसके बाद एक अन्य परत बनाई जाती है और उसके बाद सड़क का निर्माण किया जाता है।
निर्माण कार्य में मानकों का रखा जाएगा ख्याल
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की जिम्मेदारी देख हे साइट इंजीनियर्स अमन कटियार व सतीश ने बताया कि कार्य को पूरे मानकों और सुरक्षा के दृष्टि से आधुनिक मशीनों के साथ पूरा किया जाएगा। कार्य शुरू करने से पहले सभी कर्मचारियों को कार्य के प्रति निष्ठा का शपथ दिलाई गई। कर्मचारियों में इसे लेकर खासा उत्साह है।
कोट-
गंगा एक्सप्रेसवे सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। ऐसे में उच्चस्तर से इसकी निगरानी हो रही है। पूरा प्रयास है कि निर्माण को समय से पूरा कर लिया जाए। ऐसे में एक्सप्रेसवे के सीमेंटेड सब बेस का निर्माण शुरू करा दिया गया है। निर्माण में आने वाली बाधाओं को भी काफी हद तक निस्तारित कर दिया गया है। - अनूप कुमार सिंह, सीजीएम आईआरबी इंफ्रा।