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डीएपी की पकड़ी कालाबाजारी, खाद केंद्र सील

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खाद की दुकान पर सील लगवाते कृषि अधिकारी। संवाद - फोटो : HAPUR
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सिंभावली में पकड़ी डीएपी की कालाबाजारी, खाद केंद्र सील
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हापुड़। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को सिंभावली में खाद केंद्र पर डीएपी की कालाबाजारी पकड़ी। अधिकारियों ने तुरंत खाद केंद्र को सील कर दिया वहीं बिना रिकॉर्ड बिक्री किए जा रहे कृभको कंपनी के 32 कट्टे भी सील कर दिए गए। कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारियों ने नकद बिक्री केंद्रों की जांच के लिए टीमों का भी गठन कर दिया गया है। रिकॉर्ड और स्टॉक के मिलान के कड़े आदेश दिए गए हैं।
रबी फसल सीजन में गेंहू और आलू की बुवाई का समय चल रहा है। जिले में डीएपी खाद का संकट छाया हुआ है। कोऑपरेटिव सोसाइटी पर मारामारी है, इसी का फायदा उठाकर अब खाद माफियाओं ने कालाबाजारी शुरू कर दी है। मंगलवार को कृषि विभाग को सिंभावली क्षेत्र में कालाबाजारी की सूचना मिली थी। इस पर जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने टीम के साथ जांच की।
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जांच में खाद भंडार पर कृभको कंपनी का डीएपी बिक्री होता मिला। एक साल से कृभको के डीएपी की कोई रैक जिले को आवंटित नहीं हुई है। ऐसे में अधिकारियों का शक बढ़ गया, रिकॉर्ड मांगा तो दुकानदार नहीं दिखा पाया।
मामले की गंभीरता पर जिला कृषि अधिकारी ने 32 कट्टे डीएपी और दुकान को सील कर दिया। डीएपी की गुणवत्ता परखने के लिए नमूने भी लिए हैं, जिसे जांच के लिए लैब भेज दिया है।
कालाबाजारी को रोकने के लिए टीमों का गठन किया गया है, जो उर्वरक बिक्री केंद्रों पर रिकॉर्ड और स्टाक का मिलान करेंगी। पोओएस मशीन से बिक्री नहीं पाए जाने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। यूरिया का स्टॉक भरपूर है, सिर्फ डीएपी की किल्लत बनी है, डिमांड बढ़ने के कारण ही माफिया इसकी कालाबाजारी करने लगे हैं।
जांच में सामने आ सकते हैं बड़े नाम
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार कृभको के डीएपी की रैक जिले को एक साल से नहीं मिली है। ऐसे में हापुड़ के अंदर कहां से डीएपी का स्टॉक आया। इसकी जांच शुरू कर दी गई है, जांच में कई बड़े उर्वरक माफियाओं के नाम सामने आ सकते हैं। हापुड़ में भी कुछ माफिया सक्रिय हैं।
गन्ना समिति के खाद केंद्रों पर नहीं पहुंचा डीएपी
गन्ना समिति के खाद केंद्रों पर भी डीएपी नहीं पहुंच सका है। नकद केंद्रों पर भी सप्लाई ठप है, ऐसे में किसानों को भटकना पड़ रहा है। रैक नहीं आने से किसानों की चिंताएं और बढ़ सकती हैं।
सहकारी समितियों पर मारामारी
जिले में सिर्फ कोऑपरेटिव विभाग की सहकारी समितियों पर ही खाद है। 38 समितियों पर किसानों की डिमांड के अनुरूप उर्वरकों को उपलब्ध कराना चुनौती साबित हो रहा है। इन समितियों को भी अब जल्द रैक आने का इंतजार है।
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कालाबाजारी में दुकानदार के खिलाफ मुकदमा
गढ़मुक्तेश्वर। जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने सिंभावली थाने में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि सिंभावली में संदिग्ध डीएपी उर्वरक की बिक्री की सूचना मिली। जिसके बाद वह कार्यालय के प्रधान सहायक विष्णुदेव शर्मा, वरिष्ठ सहायक प्रवीण कुमार भारद्वाज के साथ मंगलवार की दोपहर मेसर्स किसान खाद भंडार सिंभावली पर जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान दुकान संचालक दीपक कुमार गोयल मौके पर मौजूद थे। लेकिन दुकान पर कोई रेट लिस्ट, डिस्पले बोर्ड नहीं लगा हुआ था। वहीं फर्म संचालक से उर्वरक बिक्री रजिस्टर व कैश मीमो मांगा गया, लेकिन वह दोनों ही नहीं दिखा पाया। पीओएस मशीन में भी एंट्री दर्ज नहीं थी। जिसके बाद दुकानदार से डीएपी के बारे में पूछताछ की गई, तो उसने उपलब्धता होने से इनकार कर दिया। संदेह होने पर दुकान से करीब 50 मीटर दूरी पर बने अहाते पर पहुंच कर जांच की गई, तो वहां पर 32 बैग बंद और एक बैग डीएपी खुला मिला। जिसके बारे में पूछताछ करने पर आरोपी ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। मौके पर मौजूद डीएपी का सैंपल लेते हुए सभी बैग सील कर दिए गए। जिला कृषि अधिकारी ने दुकान संचालक दीपक कुमार गोयल और उसके साथी विश्वनाथ प्रताप सिंह के खिलाफ तहरीर दी है। सिंभावली थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद
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