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छह दिन में 70.75 एमएम बारिश, 20 फीसदी धान और उड़द की फसल चौपट

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छह दिन में 70.75 एमएम बारिश, 20 फीसदी धान और उड़द की फसल चौपट
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हापुड़। छह दिन में रिकॉर्ड 70.75 एमएम बरसात ने फसलों को तबाह कर दिया है। 20 फीसदी धान और 30 फीसदी उड़द की फसल इस बारिश में चौपट हो गई है, जिसे बचाने की जद्दोजहद में बुधवार को किसान खेतों में डटे रहे। बंदगोभी को ब्लाइट से बचाने के लिए स्प्रे किया गया, वहीं खेत में कटी पड़ी धान की पलटी भी करायी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसल क्षति का सर्वे शुरू कर दिया है।
छह अक्तूबर से बरसात शुरू हुई थी, जो लगातार छह दिन तक जारी रही। 9 व 10 अक्तूबर में रिकॉर्ड बारिश हुई, जिसने किसानों की नींद उड़ा दी। खेतों में खड़ी धान की फसल को तबाह कर दिया। जिन खेतों में धान कटी पड़ी थी, जलभराव से उसके उगने का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को किसान खेतों में ऐसी धान की पलटी करते नजर आए।
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वहीं, बरसात के बाद चटक धूप ने बंदगोभी की फसल में ब्लाइट का खतरा बढ़ा दिया है। इससे बचाव के लिए किसानों ने स्प्रे शुरू कर दिया। मौसम की बेरुखी के चलते कुछ खेतों में किसानों ने अभी से ही धान की कटाई शुरू करा दी है। किसानों की मानें तो बारिश से करीब 20 फीसदी धान और 30 फीसदी उड़द तबाह हो गया है। हालांकि कृषि विभाग और तहसील प्रशासन के सर्वे की रिपोर्ट अभी नहीं आ सकी है।
अक्तूबर महीने में बरसात की स्थिति
तिथि बरसात एमएम में
06 अक्तूबर 2.25 एमएम
07 अक्तूबर 01 एमएम
08 अक्तूबर 08 एमएम
09 अक्तूबर 27.5 एमएम
10 अक्तूबर 37 एमएम
11 अक्तूबर 03 एमएम
मंडी में पहुंची रिकॉर्ड धान, 3595 तक मिला दाम
बरसात के बाद बुधवार को गढ़ रोड स्थित नवीन मंडी में रिकॉर्ड धान पहुंचा। किसानों को धान का 3595 रुपये/क्विंटल तक दाम मिला। मौसम यदि सही रहा तो आगामी दो से तीन दिन में धान की आवक बढ़ेगी।
1331 किसानों ने कराया है बीमा
जिले के सिर्फ 1331 किसानों ने ही फसल बीमा योजना में आवेदन किया है। बीमा भी सिर्फ धान की फसल का ही हुआ है। ऐसे में फसल क्षति की भरपाई को लेकर किसानों को इंतजार करना पड़ सकता है।
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कोट-
बरसात से फसल क्षति का सर्वे जारी है, किसानों को बीमा कंपनियों का टोल फ्री नंबर भी दे दिया गया है। जिन किसानों ने प्रीमियम कटवाया है वह शिकायत दर्ज करा दें। - डॉ. वीबी द्विवेदी, उप कृषि निदेशक।

मौसम साफ होने के बाद खेत में गिरी धान की फसल को काटते ग्रा मीण। संवाद- फोटो : HAPUR

मौसम साफ होने के बाद खेत में भीगी धान की फसल को सुखाते किसान। संवाद- फोटो : HAPUR

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