सरकारी जमीन बेचने के मामले में तहसील प्रशासन से मांगा ब्योरा
धौलाना। तहसील के अभिलेखागार में मालिकान रजिस्टर में हेराफेरी कर देहरा में सरकारी भूमि को संक्रमणीय भूमि के रुप में दर्ज कराकर करोड़ों रुपये में बेचने के मामले में विवेचना अधिकारी ने तहसील प्रशासन से जानकारी मांगी है।
सात जुलाई 2022 को फर्जी दस्तावेज तैयार कर देहरा में सरकारी भूमि बेच बेचने वाले मोहम्मद इरफान पुत्र आस मोहम्मद और जमीन खरीदने के मामले में जफरयाब, इरफान देहरा, राहुल यादव नान, मनोज कुमार निवासी राजनगर गाजियाबाद, राहुल निवासी पिलखुवा समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
इरफान ने इस मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस द्वारा इरफान से पूछताछ की तो उसने एक अधिवक्ता समेत दो लोगों पर जमीन में हेराफेरी करने का आरोप लगाया। जिसके बाद पुलिस ने तहसील अभिलेखागार में रखें अमल दरामद रजिस्टर की जांच की। इस दौरान पुलिस ने रजिस्टर में कुछ प्रविष्टियों को संदिग्ध मानते हुए तहसील प्रशासन से ब्योरा तलब किया है । पुलिस ने बताया कि कुछ बिंदुओं पर जांच की जा रही है, जांच में सहयोग करने के लिए तहसील के कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिसके लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
विवेचक वरिष्ठ निरीक्षक बलराम सिंह ने बताया कि जांच के दौरान अधिवक्ता की भूमिका संदिग्ध नजर आने पर तहसील कंपाउंड में विधिक कार्य करने वाले अधिवक्ता सुनील कुमार निवासी अकडौली को 161 में बयान दर्ज करने के लिए नोटिस भेजकर दो दिन में उपस्थित होने को कहा है। वहीं तहसील प्रशासन से अमल बरामद रजिस्टर में हो रही सभी प्रविष्टियों के संबंध में ब्योरा मांगा है।
एसडीएम धौलाना सुनीता सिंह का कहना है कि सरकारी भूमि बिक्री करने के मामले में लेखपाल हरेंद्र सिंह द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है, जांच कराई जा रही है।