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बारिश ने कम हुई गन्ने की मिठास, अब दो नवंबर से शुरू होगा पेराई सत्र

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बारिश से कम हुई गन्ने की मिठास, अब दो नवंबर से शुरू होगा पेराई सत्र
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हापुड़। बेमौसम बरसात ने गन्ने में चीनी की रिकवरी को घटा दिया है, सर्वे में मानक से करीब एक से डेढ़ फीसदी रिकवरी कम मिली है। जिसके चलते चीनी मिलों ने अब दो नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने का निर्णय लिया है। हालांकि पहले मिलें 27 अक्तूबर से शुरू होनी थीं। बरसात रुकने पर अब दोबारा रिकवरी का सैंपल लेने की तैयारी है, दो नवंबर से मिल चालू होंगे। हालांकि पुराने सत्र का 235.15 करोड़ भुगतान अभी भी दोनों चीनी मिलों पर बकाया है।
जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती है, अधिकांश गन्ने की सप्लाई सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल पर ही होती है। नवरात्रों से जिले में क्रेशर चालू हो जाते हैं, गेहूं की बुवाई की तैयारी में लगे किसानों ने खेतों का खाली करना शुरू कर दिया है। लेकिन चीनी मिलों ने पेराई सत्र शुरू कराने से पहले क्षेत्र में सर्वे कराया था।
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इस सर्वे में गन्ने से चीनी की रिकवरी सात फीसदी से भी कम थी। जबकि अच्छी रिकवरी साढ़े सात से आठ फीसदी तक मानी जाती है। पहले चीनी मिलों ने 27 अक्तूबर से ही पेराई सत्र शुरू करने का मन बनाया था, इसकी तैयारियां भी तेजी से शुरू कर दी गई।
लेकिन रिकवरी कम मिलने पर अब मिलों ने एक सप्ताह बाद करीब दो नवंबर से मिलों को चलाने का निर्णय लिया है। बरसात बीतने पर अब फिर से चीनी मिल क्षेत्र में रिकवरी को लेकर नमूने कराएगी।
दोनों चीनी मिलों पर सत्र 2021-22 में भुगतान की स्थिति
चीनी मिल किया भुगतान बकाया
सिंभावली 317.96 करोड़ 183.73 करोड़
ब्रजनाथपुर 142.14 करोड़ 51.42 करोड़
वर्तमान में जिले में गन्ने का रकबा
जिले में गन्ने का रकबा---41946.448 हेक्टेयर
पौधा--------------19238.930 हेक्टेयर
पेड़ी--------------22702.518 हेक्टेयर
दो फीसदी घटा रकबा
जिले में इस साल गन्ने का रकबा दो फीसदी घटा है, साथ ही गन्ने में फैली बीमारियों के चलते इस बार उत्पादन में भी भारी गिरावट की संभावना है। ऐसे में चीनी मिलों को अपना खरीद लक्ष्य पूरा करना भी चुनौती होगा।
दो वर्षों में गन्ने के क्षेत्रफल की स्थिति
वर्ष गन्ने का रकबा
2021 42846.78 हेक्टेयर
2022 41946.44 हेक्टेयर
संशोधत कलेंडर जल्द होगा जारी
सट्टा प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कच्चे पर्ची कलेंडर में दर्ज खामियों को दूर करा लिया है। अब जल्द ही गन्ना विभाग संशोधित और अंतिम कलेंडर जारी करेगा। जिसके आधार पर किसानों को पर्चियां जारी होंगी।
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कोट -
चीनी मिलों को दो नवंबर से चलवाने की तैयारी है। भुगतान को लेकर लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। लक्ष्य के अनुसार भुगतान किसानों को कराया जा रहा है। आगामी सत्र में भुगतान में और तेजी लायी जाएगी।--डॉ.निधि गुप्ता, जिला गन्ना अधिकारी।
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