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मरीजों की बनेगी आभा आईडी, एक क्लिक पर खुलेगी कुंडली

सार

मरीजों की बनेगी आभा आईडी, एक क्लिक पर खुलेगी कुंडली हापुड़।मरीजों को अब रिकॉर्ड संभालने की जरूरत नहीं होगी, अपनी आईडी बताकर वह देश के किसी भी चिकित्सक से परामर्श ले सकेंगे।जांच व इलाज की अन्य रिपोर्ट लेकर मरीज को भागना नहीं पड़ेगा।
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मरीजों की बनेगी आभा आईडी, एक क्लिक पर खुलेगी कुंडली
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हापुड़। जिले के 21 लाख लोगों की स्वास्थ्य संबंधी कुंडली अब एक क्लिक पर खुलेगी। आयुष्मान भारत डिजिटल आईडी (आभा) की शुरूआत हो चुकी है। सीएमओ को सत्यापन जांच अधिकारी नामित किया गया है, समस्त पंजीकृत अस्पताल, लैब, मेडिकल स्टोर इस आईडी पर रजिस्ट्रड होंगे। मरीजों को अब रिकॉर्ड संभालने की जरूरत नहीं होगी, अपनी आईडी बताकर वह देश के किसी भी चिकित्सक से परामर्श ले सकेंगे।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) जिले में लागू कर दिया गया है। सीएमओ ने चिकित्सा सेवा से जुड़े समस्त अस्पताल, लैब, मेडिकल स्टोर, ब्लड बैंकों को पत्र जारी कर, पंजीकरण कराने के आदेश दिए हैं, इसका कार्य लगभग 20 फीसदी पूरा कर लिया गया है।
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मिशन में मुख्य बात यह है कि जिले के हर व्यक्ति की आभा आईडी तैयार की जाएगी। किसी भी जन सेवा केंद्र से आईडी बनवाई जा सकती है, जिसे मोबाइल में एप के जरिए डाउनलोड किया जा सकेगा। जिस भी अस्पताल में मरीज का उपचार होगा, चिकित्सक उसकी बीमारी से जुड़ी जानकारी और दवाओं का ब्योरा आईडी पर ही चढ़ाएंगे।
मरीज को दवा की जरूरत होगी तो मेडिकल स्टोर पर पर्चा दिखाने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ आईडी नंबर बताकर ही दवा ली जा सकेगी। मरीज को बीमारी संबंधी रिकॉर्ड को लेकर नहीं भटकना पड़ेगा, सिर्फ आईडी नंबर ही पर्याप्त होगा। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए जागरूकता के कार्यक्रम भी चलाएगा।
ओटीपी के बिना नहीं खुलेगी आईडी
आभा आईडी में नंबर भी पंजीकृत होगा, जब कोई चिकित्सक या मेडिकल स्टोर आईडी खोलेगा तो उसे ओटीपी की जरूरत होगी। ओटीपी पंजीकृत मोबाइल पर ही आएगा, जिसे बताकर आईडी खुलवाई जा सकेगी।
खत्म होगा नशे का कारोबार
मेडिकल स्टोरों से नशे का काला कारोबार किया जा रहा है, रिकॉर्ड में पारदर्शिता नहीं होने के कारण नशे की गोलियां खुलेआम बेची जाती हैं। लेकिन आभा आईडी के लागू होने से इस कारोबार को करने वालों की कमर टूट जाएगी। वहीं गलत इलाज देने वाले चिकित्सक भी आभा आईडी लागू होने से नहीं बच पाएंगे।
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आभा आईडी बनने के ये होंगे लाभ
* मेडिकल स्टोर दवाओं की नहीं कर पाएंगे कालाबाजारी।
* नशे की दवा के कारोबार पर लगेगा ब्रेक।
* झोलाछापों को नहीं मिलेगा फर्जी डिग्रियों का फायदा।
* रक्तकोषों से नहीं किया जाएगा गड़बड़झाला।
* जिले में चलेंगी सिर्फ पंजीकृत लैब।
कोट-
जिले का हर व्यक्ति आभा आईडी अवश्य बनवाएं, एक क्लिक पर ही मरीज की पूरी कुंडली खुल सकेगी। जांच व इलाज की अन्य रिपोर्ट लेकर मरीज को भागना नहीं पड़ेगा। गलत काम करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। - डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।
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