सिंभावली चीनी मिल को 528 किसानों ने गन्ना देने से किया इनकार
हापुड़। नली हुसैनपुर के 528 किसानों ने सिंभावली चीनी मिल को गन्ना सप्लाई करने से इनकार किया है। खुली पंचायत में भुगतान में देरी और गन्ना सप्लाई में अव्यवस्था पर किसानों में भारी आक्रोश दिखा। सर्वसम्मति से इन किसानों ने गांव में मेरठ के नंगलामल चीनी मिल का केंद्र खुलवाने की मांग उठाई है। इस संबंध में गन्ना मंत्री और गन्ना उपायुक्त को ज्ञापन भेजा है।
पंचायत में किसानों ने कहा कि बीते 15 साल से वह सिंभावली चीनी मिल को ही गन्ना सप्लाई कर रहे हैं। लेकिन एक बार भी भुगतान में तेजी का प्रयास नहीं किया गया। किसान आर्थिक संकट में हैं, साहूकारों से पैसा लेना पड़ रहा है। इसका ब्याज चुकाने में या तो किसानों की जमीन बिक रही है या फिर उन्हें आत्महत्या तक करनी पड़ी रही है।
बच्चों की फीस तक नहीं भर पाते, ऐसे में किसानों के बच्चों के नाम भी स्कूलों से कट रहे हैं। सिंभावली चीनी मिल को अब गन्ना सप्लाई नहीं करना चाहते। सर्वसम्मति से पंचायत में उपस्थित किसानों ने निर्णय लिया कि गांव में नंगलामल चीनी मिल का क्रय केंद्र लगवाया जाए, ताकि वह मिल पर गन्ने की सप्लाई कर सकें।
किसानों ने आरोप लगाया कि भुगतान में विलंब के साथ ही गन्ने की खरीद में भी चीनी मिल काफी परेशान करता है। उन्होंने कहा कि गांव में 526 किसान अपना सेंटर बदलवाने की मांग उठा रहे हैं, हालांकि गांव के कुछ किसान सिंभावली मिल पर ही गन्ना सप्लाई देने पर सहमत रहे।
इस मामले में गन्ना किसानों ने गन्ना मंत्री और गन्ना आयुक्त परिश्रत को ज्ञापन भेजा है। पंचायत में दयानंद शर्मा, ललित भारद्वाज, पप्पू, अंशु, पिंकू, विजय मोहन, सचिन राज, चौधरी रामवीर, मूलचंद, बोबी, राजू, गोल्डी, जितेंद्र, यदानंद शर्मा आदि मौजूद रहे।