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फर्जीवाड़ा:अधिकारियों को भनक नहीं, दलालों ने बांट दिए कनेक्शन

सार

वर्ष 2017 में हर घर बिजली अभियान को लेकर शुरू हुई सौभाग्य योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। वहीं बाबूगढ़ में इसका खुलासा होने के बाद निगम के अधिकारियों ने लंबी दूरी वाले करीब दो हजार से ज्यादा कनेक्शनों की जांच शुरू कर दी है।सौभाग्य योजना के दौरान निशुल्क कनेक्शन दिए गए थे, हापुड़ में 20 हजार से भी ज्यादा उपभोक्ताओं ने इसमें आवेदन किया था। अधिकारी व्यस्त हुए तो दो फोटो और एक आधार कार्ड के जरिए कनेक्शन देने की संस्तुति कर दी गई।इसका फायदा शातिर गैंग ने उठाया, जिन डिवीजन क्षेत्रों में अधिकारियों ने कनेक्शन पर आपत्ति लगाई थी, दलालों ने उनका दूसरे डिवीजन का पता भरकर कनेक्शन दे दिया।
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विस्तार
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अधिकारियों को भनक नहीं, दलालों ने बांटे दिए कनेक्शन
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हापुड़। वर्ष 2017 में हर घर बिजली अभियान को लेकर शुरू हुई सौभाग्य योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अधिकारियों ने जिन लंबी दूरी के कनेक्शनों के आवेदन को निरस्त किया, दलालों ने उन्हें चिन्हित कर, ई-संयोजन पोर्टल के जरिए डिवीजन बदलकर कनेक्शन दिला दिए। मीटर भी बाहर से लाकर लगाए गए। वहीं बाबूगढ़ में इसका खुलासा होने के बाद निगम के अधिकारियों ने लंबी दूरी वाले करीब दो हजार से ज्यादा कनेक्शनों की जांच शुरू कर दी है।
सौभाग्य योजना के दौरान निशुल्क कनेक्शन दिए गए थे, हापुड़ में 20 हजार से भी ज्यादा उपभोक्ताओं ने इसमें आवेदन किया था। बिजलीघरों में लोड बढ़ा तो शासन द्वारा ई-संयोजन पोर्टल खोल दिया गया। सर्वे और कनेक्शन की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को दे दी गई। हालांकि रिपोर्ट निगम के अधिकारियों की ही लगवाई जाती थी। अधिकारी व्यस्त हुए तो दो फोटो और एक आधार कार्ड के जरिए कनेक्शन देने की संस्तुति कर दी गई।
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इसका फायदा शातिर गैंग ने उठाया, जिन डिवीजन क्षेत्रों में अधिकारियों ने कनेक्शन पर आपत्ति लगाई थी, दलालों ने उनका दूसरे डिवीजन का पता भरकर कनेक्शन दे दिया। बाबूगढ़ क्षेत्र में सोमवार को ऐसा ही एक कनेक्शन पकड़ा गया है। मामले में एक दलाल भी पकड़ा गया है, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं इस फर्जीवाड़े के तार पिलखुवा से जुड़े हैं। अधिकारियों के अनुसार ऐसे कनेक्शनों की संख्या हजारों में हो सकती है, ऐसे में इनकी जांच शुरू कर दी गई है।
पोर्टल पर शिकायत कर, बदलवा लेते थे डिवीजन
सौभाग्य योजना में एक साथ हजारों कनेक्शन होने के कारण इनमें गलतियां होने की संभावना रह गई थी। अधिकारियों को इसका पता था, इसी का फायदा उठाकर दलाल उपभोक्ताओं से आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर, कनेक्शन में गलत डिवीजन की बदली के लिए आवेदन करते थे। अधिकारी भी इसे बिना जांच किए निस्तारण कर देते थे।
ऑनलाइन करते थे बिल जमा
बिजली उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल जमा करने की सुविधा दी गई है। इस खेल में शामिल दलाल उपभोक्ताओं को ऑनलाइन ही बिल जमा करने की सलाह देते थे। ताकि बिजलीघरों पर उनकी गड़बड़ी हमेशा के लिए छुपी रहे।
एक संदिग्ध आईडी की होगी जांच
सौभाग्य योजना के दौरान जिले में सात आईडी लॉगइन कराई गई थी। इसमें छह साइट बंद कर, उन्हें सुपुर्द कर दिया गया था। निगम में चर्चा है कि एक साइट बंद ही नहीं हो सकी थी, जिसके जरिए ही डिवीजन बदलकर कनेक्शन देने का खेल हुआ।
नलकूपों के संयोजन से दिए घरेलू कनेक्शन
नलकूपों के संयोजन से घरेलू कनेक्शन देने पर रोक है, लेकिन सौभाग्य योजना में कई स्थानों पर नलकूपों से कनेक्शन दिए गए। अधिकारियों को इसकी जानकारी है, लेकिन वह इस काम को अंजाम देने वालों पर कोई कार्रवाई ही नहीं कर पा रहे हैं।
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लंबी दूरी के कनेक्शन की होगी जांच
जिले में जितने भी लंबी दूरी के कनेक्शन दिए गए हैं, इसकी जांच कराई जा रही है। बाबूगढ़ में बिना रिकॉर्ड का मीटर लगाए जाने के मामले में जांच के लिए टीमें गठित कर दी हैं। पिलखुवा क्षेत्र में भी विशेष अभियान चलेगा। - यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।
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