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लूट और फायरिंग करने के दोषी को सात साल की सजा

सार

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने लूट व पुलिस पर फायरिंग करने वाले एक आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को सात वर्ष की सजा व छह हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया की 23 जुलाई 2015 को हापुड़ निवासी मनोज कुमार ने सिंभावली थाना में एक तहरीर दी थी। पुलिस ने कार को रोकने का इशारा किया तो कार में सवार लोगों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया।
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लूट व पुलिस पर फायरिंग करने के दोषी को सात साल की सजा
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हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने लूट व पुलिस पर फायरिंग करने वाले एक आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को सात वर्ष की सजा व छह हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया की 23 जुलाई 2015 को हापुड़ निवासी मनोज कुमार ने सिंभावली थाना में एक तहरीर दी थी। जिसमें उसने कहा कि वह अपनी ड्यूटी खत्म करके अपने घर जा रहा था। जिसके लिए वह सिंभावली से एक कार में सवार हुआ। लेकिन कुछ दूर चलते ही कार में सवार लोगों ने तमंचे से भयभीत करते हुए उसके साथ लूट की घटना को अंजाम दिया और उसे कार से नीचे उतार कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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31 जुलाई 2015 को मुखबिर से सूचना मिली की कार में लिफ्ट देकर सवारी के साथ लूटपाट करने वाले बदमाश एक कार से हापुड़ से गढ़मुक्तेश्वर की तरफ जा रहे हैं। पुलिस ने कार को रोकने का इशारा किया तो कार में सवार लोगों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर राजा पुत्र सन्नू निवासी गंगानगर एल ब्लॉक, थाना इंचोली, जिला मेरठ, उस्मान पुत्र मियां जान निवासी गांव डाबरसी थाना आदमपुर, जिला अमरोहा, हिमांशु पुत्र सतेंद्र सिंह निवासी गांव मीरापुर थाना सरूरपुर जिला मेरठ, हर्ष पुत्र सतेंद्र चौधरी निवासी ग्राम सिलोरा थाना भावनापुर जिला मेरठ व टिंकू पुत्र विक्रम निवासी कसेरू बक्सर थाना इंचोली जिला मेरठ को गिरफ्तार किया। पूछताछ करने पर इन्होंने 23 जुलाई 2022 को मनोज के साथ लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने मामले के आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। जिसके बाद से मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी राजा के अलावा अन्य आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। जिसके चलते आरोपी राजा के मुकदमे की फाइल अन्य आरोपियों से अलग कर न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को न्यायाधीश ने मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश मृदुल दुबे ने आरोपी राजा को दोषी करार दिया। अर्थदंड न देने पर दोषी को आठ दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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