बजट 25 लाख, पांच महीने में एक करोड़ की बांट दी दवा
हापुड़। सरकारी अस्पतालों में दवाओं का संकट छा गया है, सबसे अधिक ओपीडी वाले गढ़ रोड सीएचसी से पांच महीने के अंदर ही एक करोड़ से ज्यादा की दवाएं बांट दी गई हैं, जबकि इस अस्पताल का बजट महज 25 लाख है। ड्रगवेयर सेंटर ने उधार की दवाएं देने से भी हाथ खींचने शुरू कर दिए हैं। शासन में वार्ता जारी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। स्थानीय अधिकारियों ने अब कम ओपीडी वाले अस्पतालों की दवाओं में कटौती कर, सप्लाई सीएचसी को देने का निर्णय लिया है।
शासन के मानक के अनुसार एक सीएचसी में 400 तक ओपीडी मानी जाती हैं, इसी के आधार पर दवाओं के लिए बजट जारी किया जाता है। गढ़ रोड सीएचसी में प्रतिदिन की ओपीडी औसतन दो हजार है, इसके अलावा यहां प्रसूताओं की सर्जरी, मेडिकल व अन्य जांच होने के कारण दवाओं की खपत ज्यादा है।
इस अस्पताल की दवाओं का बजट महज 25 लाख है, जबकि पांच महीने के अंदर एक करोड़ से ज्यादा की दवाएं मरीजों में बांट दी गई हैं। कई बार शासन में पत्राचार कर, बजट बढ़ाने की मांग की गई है। लेकिन वार्ता जारी होने के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया है। अस्पताल में सात से दस दिन की दवाओं का ही स्टॉक बचा है, ऐसे में पहले ही अधिकारी इंतजाम में जुट गए हैं।
सीएमओ कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई, इसमें निर्णय लिया गया कि जिन अस्पतालों की ओपीडी कम है व जिला अस्पताल की दवाओं को गढ़ रोड सीएचसी में प्रयोग किया जाए। शासन से इस पर मंजूरी ली गई है, अब दूसरे अस्पतालों की दवाओं में कटौती कर ही, हापुड़ सीएचसी में आने वाले मरीजों को दवाएं मुहैया कराई जाएंगी।
कोठीगेट अस्पताल डेढ़ साल से उधार में खरीद रहा दवा
कोठीगेट स्थित राजकीय महिला अस्पताल की दवा खरीद के लिए आईडी, पासवर्ड तक जनरेट नहीं हो सके हैं। डेढ़ साल से कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अस्पताल की प्रतिदिन की ओपीडी करीब 300 है, ऐसे में उधार में इधर उधर से ही दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। चिकित्सक जरूरत के अनुसार डिमांड भी नहीं भेज पा रहे हैं।
स्कैबीज फैला, छह महीने से दवाएं नहीं
जिले में स्कैबीज बीमारी फैल रही है, लोगों के शरीर में एलर्जी से बुरा हाल है। लेकिन सरकारी अस्पतालों में छह महीने से एंटी एलर्जिक दवाओं की सप्लाई ही नहीं मिल पा रही है, मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदनी पड़ रही है।
मधुमेह के मरीजों की बढ़ी परेशानी
शुगर के मरीजों को दी जाने वाली मेटफॉरमिन दवा की सप्लाई करीब एक साल से बंद पड़ी है। कई बार डिमांड भेजने के बावजूद दवा नहीं मिल सकी है, शुगर के मरीजों को नियमित दवा लेनी पड़ती है जो उन्हें सरकारी अस्पतालों से नहीं मिल रही है।
इन दवाओं का स्टॉक खत्म
चर्म रोगियों को दी जाने वाली सिटजिन, बीबी लोशन, सीपीएम, क्लोट्रिमाजोल व शुगर में दी जाने वाली मेटफॉरमिन दवा का स्टॉक छह महीने से खत्म पड़ा है, इसकी सप्लाई किसी अस्पताल को नहीं मिल रही है।
शासन में चल रही वार्ता, जल्द होगा समाधान
गढ़ रोड सीएचसी के बजट को लेकर शासन में वार्ता चल रही हैं, जल्द ही समाधान हो जाएगा। अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी, इसकी व्यवस्था करा दी गई है। - डॉ. सुनील कुमार, सीएमओ।