आग बुझाने के प्रबंध नहीं, 12 नामचीन होटलों समेत 17 को नोटिस
हापुड़। शहर के 12 नामचीन होटलों में आग बुझाने के प्रबंध नहीं हैं। लखनऊ की घटना के बाद जागे पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने जांच शुरू कर दी है। होटलों के अलावा पांच फैक्टरियों में आग बुझाने के उपकरण नहीं मिले। इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। सुधार न होने पर कार्रवाई की जाएगी। शाम को एसपी दीपक भूकर ने भी होटलों की जांच कर होटल मालिकों को निर्देश दिए।
हापुड़ शहर, गढ़ और पिलखुवा में जगह जगह होटल खुले हुए हैं। इन होटलों में आग बुझाने के इंतजाम न होने से हादसों का अंदेशा बना हुआ है। लखनऊ में हुई घटना के बाद अग्निमशन विभाग ने होटलों व फैक्टरियों की जांच की। होटल में अग्रिशमन यंत्रों के अलावा आने जाने के रास्तों को देखा गया। अधिकतर होटलों में यंत्र नहीं मिले। आने और जाने के रास्तों की सही व्यवस्था भी नहीं थी। आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलना काफी मुश्किल होगा। अधिकतर के पास या तो अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है या उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। 12 होटलों और पांच फैक्टरियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सीएफओ मनु शर्मा ने बताया कि आग से बचाव के लिए होटल व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जांच अभियान चलाया जा रहा है। मानकों को पूरा न करने वालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
इन्हें जारी किए गए नोटिस
होटल रॉयल पैलेस रेलवे रोड, होटल धर्मा रेलवे रोड, आरके होटल रेलवे रोड, आरके रेस्टोरेंट रेलवे रोड, होटल ग्रीन पैलेस गढ़ रोड, वाटिका रिसोर्ट निजामपुर बाईपास, प्रकाश रिजेंसी दिल्ली रोड, दयाल रिजेंसी एंड होटल गढ़ रोड, होटल पैराडाइज गढ़ रोड, उत्सव होटल एंड रेस्टोरेंट, सिटी प्लाजा रेस्टोरेंट, मेसर्स सूर्या एग्रो मार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पटना मुरादपुर, शिखर चंद्र-प्रदीप कुमार पटना मुरादपुर, एसके केमिकल्स प्रह्लादनगर गढ़ रोड़, मेसर्स अंबिका प्लास्टिक मोदीनगर रोड, मारुति प्लास्टिक मोदीनगर रोड।
जरूरी हैं ये प्रबंध
आग से बचाव के लिए होटलों में दो तरह के इंतजाम होना जरूरी है। ढांचागत इंतजाम के तहत होटल निर्माण के दौरान ही आसपास जगह छोड़ने, आग लगने के समय लोगों के बाहर निकलने का रास्ता बनाने की शर्त रखी जाती है। बनकर तैयार होने के बाद होटलों में आग बुझाने के संयंत्र लगाने के साथ बुझाने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य होता है।
पर्याप्त नहीं हैं फायर स्टाफ
जनपद में हापुड़ और गढ़ में फायर स्टेशन हैं। हापुड़ में दो फायर टैंकर और एक जीप है, जबकि गढ़ में एक फायर टैंकर और एक जीप है। एक मुख्य अग्निशमन अधिकारी, एक एफएसओ, एक उपनिरीक्षक, गढ़ में दो और हापुड़ में चार हेड कांस्टेबल हैं। हापुड़ में 22 कांस्टेबल व गढ़ में नौ कांस्टेबल शामिल हैं। हापुड़ में चार ड्राइवर व गढ़ में एक ड्राइवर है। 14 लाख की आबादी और अरबों की संपत्ति इन संसाधनों पर ही निर्भर है। जनपद की गाजियाबाद सीमा और अमरोहा सीमा में लगभग 60 किमी का अंतर है। इसके अलावा गुलावठी से लेकर किठौर तक बुलंदशहर और मेरठ जनपद की सीमा लगभग 45 किमी के आसपास है। ऐसी स्थिति में जनपद के अंतिम छोर पर आग लगने पर तुरंत सूचना दी जाए तो फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में कम से कम एक घंटा लग जाता है।
रेलवे रोड स्थित एक होटल में जांच करते पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : HAPUR