श्रीकांत त्यागी को न्याय दिलाने के लिए भरी हुंकार
हापुड़। श्रीकांत त्यागी प्रकरण में गेझा में आयोजित महापंचायत में हापुड़ से त्यागी समाज के हजारों लोग शामिल हुए। पंचायत में श्रीकांत पर द्वेषभाव पूर्ण कार्रवाई का विरोध किया, साथ ही उसकी पत्नी और बच्चों के उत्पीड़न पर भी रोष जताया। गांव और शहर के मोहल्लों से गाड़ी, बसों के जरिये समाज के लोग गेझा पहुंचे।
महापंचायत में गए लोगों ने बताया कि अपशब्द बोलने पर कार्रवाई संबंधित कानून के अनुसार ही होनी चाहिए थी। लेकिन द्वेषभाव पूर्ण कार्रवाई की गई, श्रीकांत की पत्नी को तीन दिन तक बिना एफआईआर थाने में पूछताछ के लिए रोका गया। उसके घर की बिजली, पानी तक काट दी गई, बच्चों को खाना लेकर गए समाज के छह लोगों को पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराएं लगाकर आरोपी बना दिया।
पूरे प्रकरण में हुई कार्रवाई से त्यागी समाज खुद को ठगा महसूस कर रहा है। अब समय आ गया है कि जब सरकार को हमें अपनी ताकत दिखानी होगी। समाज के लोग एक जुट रहें और इस प्रकरण में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक आंदोलन को जारी रखें। हापुड़ से बस, गाड़ियों द्वारा हजारों की संख्या में लोग गेझा स्थित रामलीला मैदान में चल रही पंचायत में शामिल हुए।
महापंचायत में जाने वालों में ब्रजभूषण त्यागी, रुद्राक्ष त्यागी, निखिल त्यागी, ज्ञानेश्वर त्यागी, योगेश्वर त्यागी, ज्ञानेंद्र त्यागी, मुकेश त्यागी, राधेलाल त्यागी, सुमित त्यागी, प्रशांत त्यागी, मुकुल त्यागी एडवोकेट, अशोक त्यागी, तुषार त्यागी, सुधीर त्यागी, विजय त्यागी, अजय सुंदर नारायण त्यागी, गिरीश त्यागी, नीरज त्यागी, गौरव त्यागी, अमित त्यागी, महेश त्यागी, विकास त्यागी, राहुल त्यागी, बिट्टू त्यागी, हरिराज सिंह त्यागी, रितिक त्यागी, हर्षदीप त्यागी, आयुष त्यागी, अंशु त्यागी, नवीन त्यागी, यश त्यागी, सोमेंद्र त्यागी, ताराचंद जाटव, मुकेश प्रजापति, राजू सैनी, आशीष त्यागी, कपिल त्यागी, मनीष त्यागी, शील त्यागी, सुजीत त्यागी, अनुज त्यागी, अमित त्यागी, संजय चौधरी आदि शामिल रहे।
महापंचायत से पहले समाज के लोगों को किया नजरबंद
गेझा में होने वाली महापंचायत से पहले ही पुलिस समाज के लोगों के घर पहुंचने लगी। सबली निवासी तुषार त्यागी के आवास पर भी सुबह पुलिस पहुंच गई। काफी देर तक तुषार को नजरबंद किया गया। हालांकि बाद में भाकियू नेता मांगेराम त्यागी से पुलिस की वार्ता के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।