लोक अदालत में टूटने से बचे 42 परिवार, 12 दंपतियों को मिलाया
हापुड़। लोक अदालत के दौरान पारिवारिक विवादों की सुनवाई के दौरान 42 परिवारों को टूटने से बचाया गया। पारिवारिक कलह के कारण एक दूसरे से अलग रह रहे 12 दंपतियों को फिर से एक साथ जीवन बिताने के लिए न्यायालय कक्ष से विदा किया गया। लोक अदालत में कुल 7634 मामलों का निस्तारण कर सात करोड़ 64 लाख सात हजार 55 रुपये का सेटलमेंट किया गया। सुबह से ही कचहरी परिसर में लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। ऐसे में पुलिस न्यायालय परिसर में पूरी तरह से सुबह से सतर्क दिखाई दी।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार सुबह लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज व प्राधिकरण के अध्यक्ष बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। सिविल जज व प्राधिकरण की सचिव लवली जायसवाल ने बताया कि लोक अदालत में जिला जज बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी द्वारा पांच वादों का निस्तारण कर चार हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड वसूल किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रविन्द्र कुमार-प्रथम द्वारा 42 वादों का निस्तारण किया गया। जिनमें से 12 जोड़ों को दोबारा से एक साथ खुशी पूर्वक जीवन व्यतीत करने के लिए न्यायालय कक्ष से विदा किया गया।
अपर जिला जज पॉक्सो तृतीय कमलेश कुमार द्वारा वादों का निस्तारण किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मृदुल दुबे द्वारा 2 वादों का किया। अपर जिला जज (एस.सी./एस.टी. एक्ट) उमाकांत जिन्दल द्वारा 5 वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज पॉक्सो द्वितीय डॉ. रीमा बंसल द्वारा 5 वादों का निस्तारण कर अंकन एक हजार रुपए अर्थदंड वसूल किया गया। अपर जिला जज पॉक्सो प्रथम श्वेता दीक्षित द्वारा 6 वादों का निस्तारण कर 31 हजार रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया। अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय छाया शर्मा और अपर जिला जज एफटीसी प्रथम राखी चौहान द्वारा एक-एक वाद का निस्तारण किया गया।
आपराधिक वादों का निस्तारण कर वसूले 2.46 लाख
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह द्वारा एक हजार दो सौ 17 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर दो लाख 46 हजार रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया। सिविल जज सीनियर डिविजन प्रथम लवली जायसवाल द्वारा 9 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 32 लाख 84 हजार नौ सौ 81 रुपये के बाबत उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए। सिविल जज सीनियर डिविजन द्वितीय विकास कुमार सिंह द्वारा आठ वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 15 लाख 13 हजार चार सौ 42 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति मोंगा 477 वादों का निस्तारण कर एक लाख 52 हजार चालीस रुपये का अर्थदंड वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिविजन गढ़मुक्तेश्वर शमशुल रहमान द्वारा 303 वादों का निस्तारण कर 5250 रुपये का अर्थदंड वसूल किया और तीन लाख छ हजार चार सौ 64 रुपये का सेटलमेंट किया। सिविल जज जूनियर डिविजन प्रथम फरहीन खान द्वारा 9 वादों का निस्तारण कर अंकन 118300 रुपये का सेटलमेंट किया गया। प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या भारद्वाज द्वारा 234 वादों का निस्तारण कर 50920 रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया। अपर सिविल जज (जूनियर डिविजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट गढ़मुक्तेशवर शमशुल रहमान द्वारा 220 वादों का निस्तारण कर 5910 रुपये का अर्थदंड वसूल किया। साथ ही 84 हजार रुपये का सेटलमेंट भी कराए।
सिविल जज जूनियर डिविजन प्रथम रवि कुमार द्वारा 16 वादों का निस्तारण किया और 60 लाख आठ हजार छह सौ 13 रुपये के समझौते कराए। प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट फरहीन खान दो सौ वादों का निस्तारण कर 54 हजार छह सौ पचास रुपये का अर्थदंड वसूल किया। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन/ न्यायिक मजिस्ट्रेट गढ़मुक्तेश्वर अंकुर सिंह सौलंकी ने 336 वादों का निस्तारण कर 14 एक सौ पचास रुपये का अर्थदंड वूसल किया। सिविल जज जूनियर डिविजन द्वितीय सौनाली रत्ना द्वारा 12 वादों का निस्तारण कर 11 हजार सौ रुपये का अर्थदंड वसूला और न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय धौलाना विजय चौधरी द्वारा 17 वादों का निस्तारण कर 26 हजार नौ रुपये का अर्थदंड वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिविजन एफ.टी.सी. प्रथम अरुण कुमार द्वारा 45 वादों 80 हजार रुपये के सेटलमेंट किया। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन सालिनी त्यागी द्वारा 16 वादों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन द्वितीय नेहा चौधरी ने तीन वादों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन तृतीय औमश्री चौरसिया ने 16 वादों का निस्तारण किया।
350 वादों में कराया समझौता
विभिन्न बैंकों द्वारा नियत वादों में से 350 वादों का सुलह समझौते के आधार निस्तारित कराए गए। जिसमें 4 करोड़ 99 लाख 42 हजार रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया। जिसमें एक करोड़ 17 लाख 97 हजार रुपये की धनराशि बैंकों को नकद में प्राप्त हुई। भारत संचार निगम लिमिटेड हापुड़ द्वारा 16 वादों का निस्तारण कर 16 हजार छह सौ रुपये की धनराशि वसूली। सहायक श्रमायुक्त सर्वेश कुमारी द्वारा 3 वादों का निस्तारण कर अंकन 15 लाख 95 हजार रुपये का सेटलमेंट किया गया। जनपद के राजस्व व अन्य विभागों द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न प्रकार के 4469 वाद निस्तारित किए गए।