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इलाज के दौरान बच्ची की मौत के बाद अस्पताल सील

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बुधवार को सिकंदर गेट स्थित अस्पताल पर सील लगाते चिकित्सक। संवाद - फोटो : HAPUR
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फोटो- 14
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इलाज के दौरान बच्ची की मौत के बाद अस्पताल सील
हापुड़। सिकंदर गेट स्थित जमाल अस्पताल में उपचार के दौरान बच्ची की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार संचालक के पास यूनानी चिकित्सा प्रणाली के कागज हैं लेकिन वह आठ बेड के अस्पताल में एलोपैथिक उपचार कर रहा था। मृतक बच्ची के चाचा की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
निवाजीपुरा निवासी 8 वर्षीय खुशी को उसके परिजन बीमारी के चलते अस्पताल में उपचार के लिए लेकर गए थे, लेकिन बच्ची की हालत और ज्यादा खराब हो गई। चिकित्सकों ने उसे रेफर करने के लिए बोल दिया। इसी दौरान मंगलवार रात बच्ची ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद बच्ची के परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही बरतने और गलत उपचार करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
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परिजनों का आरोप है कि बच्ची को उपचार के दौरान गलत दवाई और गलत इंजेक्शन लगाए गए थे। जिसके कारण बच्ची की मौत हो गई थी। हंगामे की सूचना पर पुलिस ने किसी प्रकार परिजनों को समझाकर शांत कराया था। वहीं, दूसरी ओर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश खत्री भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की। जांच में पता चला कि अस्पताल यूनानी चिकित्सा प्रणाली का है। लेकिन, वहां एलोपैथिक चिकित्सा प्रणाली आठ बेड का अस्पताल चल रहा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच रिपोर्ट तैयार होकर जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्राप्त हो जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बच्ची की मौत का राज खुल सकेगा। उसके बाद पता चलेगा कि बच्ची को किस बीमारी में क्या दवाई दी गई थीं।
सर्जन चिकित्सक की बिना अनुमति के कराया था रजिस्ट्रेशन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में एक एमएस सर्जन चिकित्सक का भी रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। लेकिन, इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने सर्जन चिकित्सक से की तो पता चला कि उन्होंने इसके लिए अस्पताल को अनुमति नहीं दी हुई है। इसके बाद भी अस्पताल संचालक उनके नाम का प्रयोग कर रहा था।
वरिष्ठ चिकित्सक का है सहायक अस्पताल संचालक
यूनानी अस्पताल का संचालक नगर के एक वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक का सहायक बताया जा रहा है। बताया गया है कि वह वरिष्ठ चिकित्सक का काफी लंबे समय से असिस्टेंट है और उसने बीयूएमए किया था। जिसके बाद वह स्वयं भी यूनानी चिकित्सक बन गया और उसने अस्पताल खोल लिया।
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कागजों की हो रही है जांच
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश खत्री ने बताया कि अस्पताल को सील कर दिया गया है। फिलहाल अस्पताल के सभी दस्तावेजों को मंगाया गया है। अस्पताल यूनानी चिकित्सा प्रणाली के आधार पर रजिस्टर था। मामले की पूरी जांच की जा रही है।
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