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दाम बढने के इंतजार में किसानों ने रोका 1.44 लाख मीट्रिक टन आलू

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दाम बढ़ने के इंतजार में किसानों ने रोका 1.44 लाख मीट्रिक टन आलू
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हापुड़। आलू के दामों में उछाल आने के इंतजार में हापुड़ के किसानों ने 1.44 लाख मीट्रिक टन आलू शीतगृहों में ही रोक लिया है। तीन महीने में सिर्फ 20 फीसदी आलू की निकासी हो सकी है। इसके चलते मंडी में दाम 700 से 750 रुपये तक पहुंच गए हैं, छंटाई के बाद फ्रेश आलू के कट्टे के दाम 800 रुपये हैं। जबकि पिछले साल 1200 रुपये तक कट्टा बिका था, इसी तरह के रेट मिलने का किसानों को इंतजार है। हापुड़ के 20 हजार हेक्टेयर रकबे में आलू की खेती होती है। वर्ष 2020 में आलू के रिकॉर्ड दाम रहे थे, 1800 रुपये तक भी 50 किलोग्राम का कट्टा बिका था। बीते साल भी 1200 रुपये तक कट्टा बिका था। ऐसे में फसल से अच्छा मुनाफा कमाने की उम्मीद लिए किसानों ने इस बार भी 35 हजार हेक्टेयर रकबे में आलू की फसल उगाई। हालांकि इस बार मौसम ने साथ नहीं दिया, फिर भी जिले के शीतगृह 95 फीसदी तक भर गए। किसान बीते सालों की तरह इस वर्ष भी फसल पर चटकी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यही कारण है कि अभी शीतगृहों में 1.44 लाख मीट्रिक टन आलू स्टोर हैं, निकासी सिर्फ 36 हजार मीट्रिक टन की ही हो सकी है। जिसका बाजार में किसानों को 400 से 700 रुपये तक भी भाव मिला है।
धीमी निकासी के साथ बढ़ सकते हैं रेट
आलू की निकासी बेहद धीमी है, बाहर से आलू की आवक भी कम हो गई है। ऐसे में आलू के रेट बढ़ने की आशंका है। हालांकि इस फसल को किसान जुआ भी मानते हैं, पता नहीं कब रेट धड़ाम हो जाएं। हालांकि वर्तमान में दाम सही मिल रहे हैं।
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आलू निर्यात की योजना का इंतजार
बीते साल उद्यान विभाग में एक योजना शुरू की गई थी। इसमें हापुड़ के आलू को दूसरे प्रदेशों में बिक्री के लिए ले जाने वाले व्यापारियों को अनुदान मुहैया कराया जाता था। लेकिन इस बार योजना लागू नहीं हो सकी है।
जून महीने में आलू के दामों की स्थिति
जून 2022 750 रुपये/कट्टा तक
जून 2021 450 रुपये/कट्टा
जून 2020 700 रुपये/कट्टा
जून 2019 600 रुपये/कट्टा
जून 2018 650 रुपये/कट्टा
(नोट : वर्ष 2020 में आलू का कट्टा अधिकतम 1800 रुपये तक बिका, 2021 में 1200 रुपये तक बिका था, यह जानकारी फल सब्जी मंडी के अध्यक्ष ब्रिजेश त्यागी ने दी।)
जिले में आलू की स्थिति
क्षेत्रफल---20 हजार हेक्टेयर।
उत्पादन---1.80 लाख मीट्रिक टन।
शीतगृह---16
भंडारण क्षमता--1.90 लाख मीट्रिक टन।
अवशेष आलू--1.44 लाख मीट्रिक टन।
आलू के थोक के रेट
ख्याति आलू-----600-650 रुपये/कट्टा
कुफरी बाहर-----650-700 रुपये/कट्टा
चिप्सौना--------700-750 रुपये/कट्टा
(नोट : यह रेट फल सब्जी मंडी के अध्यक्ष ब्रिजेश त्यागी द्वारा बताए गए हैं)
एक महीने के अंदर दाम में आया उछाल
मंडी में बाहर के आलू की आवक कम हो गई है, जिले के किसान ही आलू लेकर पहुंच रहे हैं, 750 रुपये तक कट्टा बिक रहा है। एक महीने के अंदर आलू के दामों में उछाल आया है। - ब्रिजेश त्यागी, अध्यक्ष फल सब्जी मंडी एसोसिएशन।--फोटो संख्या--13
1200 रुपये से अधिक मिलें कट्टे के रेट
आलू की खेती में लागत काफी बढ़ गई है, 1200 रुपये कट्टा से कम दाम पर बिक्री करने में किसानों को नुकसान है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए, आलू के दाम धीरे धीरे बढ़ रहे हैं, इससे कुछ राहत है। - नरेंद्र सहवाग, किसान।--फोटो संख्या--14
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कोट-
शीतगृहों में 80 फीसदी आलू अवशेष है, मंडी में किसानों को सही दाम मिल रहे हैं। आगामी दिनों में तेजी से निकासी होने की संभावना है। किसान अपना आलू बाहर की मंडियों में भी बिक्री कर रहे हैं।--एसके शर्मा, उद्यान निरीक्षक।
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