वैक्सीन की किल्लत से स्लॉट बुकिंग पर बढ़ी मारामारी
- दिनभर में पांच से दस मिनट के लिए ही खुल रही साइट
- 800 से एक हजार स्लॉट ही हो पा रहे हैं बुक, युवा परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। कोरोना वैक्सीन की किल्लत के चलते पोर्टल पर इन दिनों स्लॉट बुकिंग के लिए मारामारी मची हुई है। दिनभर में पांच से दस मिनट के लिए ही साइट खुल रही है। जिसमें एक हजार युवा ही स्लॉट बुक कर पा रहे हैं। हालांकि देहात अंचल में क्लस्टर एक्टिविटी के दौरान बिना रजिस्ट्रेशन ही लोगों को टीके लग रहे हैं।
कोरोना महामारी से बचाव को लेकर जुलाई महीने में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन वैक्सीन की किल्लत के चलते यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। हाल यह है कि न तो गांवों क्लस्टर एक्टिविटी चल पा रही है और न ही शहरी क्षेत्र के बूथों पर भी पूरी क्षमता से टीकाकरण हो रहा है।
देहात अंचल में होने वाली क्लस्टर एक्टिविटी के दौरान रजिस्ट्रेशन आदि की जरूरत नहीं रहती। लेकिन शहरी क्षेत्र के बूथों पर टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक कराना अनिवार्य है। 18 से 44 साल के युवा दिनभर स्लॉट खुलने का इंतजार करते हैं।
लेकिन वैक्सीन किल्लत के चलते दिनभर में पांच से दस मिनट के लिए ही स्लॉट खुल पाते हैं। इस दौरान लगभग एक हजार स्लॉट ही बुक हो पाते हैं, जिसके बाद साइट बंद कर दी जाती है।
सोमवार को 4200 ने लगवाया टीका
सोमवार को जिले में बने विभिन्न बूथों पर 4200 लोगों ने टीके लगवाए। इसमें शहरी क्षेत्र के बूथों पर 1200 व देहात अंचल में 3000 लोगों को टीके लगाए गए। बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
आज 13 गांवों में लगेंगे टीके
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा 13 गांवों में क्लस्टर एक्टिविटी चलाई जाएगी। इस दौरान गांव सारिकपुर, खिरिया, भगवानपुर, बुकलाना, धनपुरा, फरीदपुर, भोवापुर, नवादा, धनौरा, जरौठी, श्यामपुर, मलकपुर, ददायरा गांवों में टीकाकरण किया जाएगा।
कोठीगेट अस्पताल पर लगे कैमरे-
कोठीगेट स्थित महिला अस्पताल पर बूथ बनाया गया है। जहां टीका लगवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में व्यवस्था बनाने व सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं।
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जारी रहेगी क्लस्टर एक्टिविटी
मंगलवार को देहात अंचल में क्लस्टर एक्टिविटी जारी रहेगी, साथ ही शहरी क्षेत्र के बूथों पर भी पहले की तरह ही टीकाकरण होगा। लोग परेशान न हों, बूथों पर पहुंचकर टीकाकरण अवश्य करा लें।--डॉ संजीव कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।