माल गोदाम के पास पुराने स्लीपरों से बनेगा 200 मीटर ट्रैक
हापुड़। रेलवे के पुराने स्लीपरों को अब ट्रैक बनाने के उपयोग में लाया जाएगा। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम के पास पुराने स्लीपरों को बिछाकर 200 मीटर का ट्रैक तैयार किया जाएगा। ट्रैक बनने से यहां आसानी से ट्रक आ सकेंगे तथा मजदूरों को भी काम करने में दिक्कत नहीं होगी वहीं बरसात में जलभराव की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
पक्का निर्माण नहीं है। ऐेसे में यहां मालगाड़ियों से उतरने वाला कोयला और उड़ती धूल मजदूरों के अलावा आसपास से गुजरने वाले लोगों के लिए परेशानी बनी हुई थी।
हापुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में माल गोदाम भी बना हुआ है। गोदाम के आसपास काफी जमीन ऐसी है जहां पक्का निर्माण नहीं है। मालगाड़ियों से यहां पर माल की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए ट्रक भी पहुंचते है। इसकी वजह से धूल, कोयला आदि उड़ने से पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। आसपास से गुजरने वाले लोगों को भी काफी दिक्कत होती है। मजदूरों को भी काम करने में काफी दिक्कत होती है। वहीं बरसात में तो और अधिक परेशानी हो जाती है। जलभराव की समस्या के चलते मजदूरों व ट्रक चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए रेलवे मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने माल गोदाम के आसपास की जगह पुराने स्लीपरों से ट्रैक बनाने का निर्णय लिया है। इन स्लीपरों को यहां बिछाकर ट्रैक तैयार किया जाएगा। (संवाद)
मुरादाबाद मॉडल बनेगा नजीर
माल गोदाम के पास पुराने स्लीपरों को बिछाने के लिए मुरादाबाद मॉडल को अपनाया जाएगा। हाल ही में मुरादाबाद जंक्शन पर लखनऊ दिशा की तरफ स्टेशन पर गुड्स शेड में पुराने स्लीपर से करीब 500 मीटर का ट्रैक बनाया गया है। इसी तकनीक को अन्य स्टेशनों पर भी प्रयोग करने पर जोर दिया जा रहा है। जिससे पुराने स्लीपरों का बेहतर तरीके से उपयोग हो सके।
जल्द शुरू होगा काम
मुरादाबाद मंडल की सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा का कहना है कि सीमेंट से बने पुराने स्लीपर का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। गुड्स शेड परिक्षेत्रों में इनका उपयोग करके सड़क बनाई जा रही है। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर भी माल गोदाम के पास की जमीन का निरीक्षण करने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। इससे जलभराव व धूल उड़ने से वायु प्रदूषण की समस्या से राहत मिल सकेगी।