दो घंटे बंद रही अस्पतालों की ओपीडी, इलाज को भटके मरीज
हापुड़। कोरोना महामारी में दिनरात सेवा में जुटने के बावजूद शासन से स्थानांतरण के आदेश जारी होने से नाराज स्वास्थ्य कर्मी शुक्रवार हड़ताल पर चले गए। दो घंटे तक ओपीडी और टीकाकरण बंद रहा। जिसके चलते मरीजों को चिकित्सा सुविधा के लिए भटकना पड़ा। बूथों पर टीका लगवाने वालों की लंबी कतारें लग गई। रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे लोग भी अस्पताल परिसर में घूमते नजर आए। स्वास्थ्य कर्मियों ने तीन दिन तक विरोध जारी रखने का एलान किया है, 12 जुलाई को मुख्यालय का घेराव होगा।
शुक्रवार को पीएमएसए और डिस्ट्रिक्ट फार्मासिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर समस्त स्वास्थ्य कर्मियों ने सुबह 8 बजे से हड़ताल का एलान कर दिया। मरीज अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचे लेकिन पर्चे ही नहीं बन सके। स्थानांतरण के विरोध में समस्त स्टाफ काम छोड़कर अस्पताल से बाहर आ गया और नारेबाजी शुरू कर दी। हड़ताल दो घंटे तक जारी रही। जिसके चलते टीकाकरण का कार्य भी प्रभावित हो गया। उपचार के लिए आए मरीज भटकते रहे।
पीएमएसए के जिलाध्यक्ष डॉ राजेंद्र गुप्ता व डिस्ट्रिक्ट फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ गौतम ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानांतरण नीति का विरोध जारी रहेगा, समस्त स्वास्थ्य कर्मी एक जुट रहें। इस मौके पर नीरज कुमार, डॉ योगेश गुप्ता, डॉ महेंद्र मौर्य, अंजलि, अनुज त्यागी, हरि गोपाल, अरविंद, वाईएन सचान आदि मौजूद रहे।
सुबह 10:30 बजे शुरू हो सका टीकाकरण
कोरोना टीकाकरण सुबह आठ बजे से शुरू हो जाता है। भीषण गर्मी से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग बूथों पर पहुंच गए। लेकिन हड़ताल के कारण टीकाकरण शुरू नहीं हो सका। लोगों को लगभग ढाई घंटे इंतजार करना पड़ा। 10.30 बजे टीकाकरण शुरू हो पाया।
रेबीज इंजेक्शन लगवाने को उमड़ी भीड़
कुत्ता, बंदर के काटने से पीड़ित 400 से अधिक लोग सीएचसी में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। लेकिन दो घंटे की हड़ताल के चलते उन्हें इंजेक्शन नहीं लग सके। ऐसे लोगों की भारी तादात के चलते अस्पताल खचाखच भरा रहा।
तीन दिन तक प्रभावित रहेंगी सेवाएं
स्थानांतरण के विरोध में तीन दिन तक सुबह आठ से दस बजे तक चिकित्सा सेवा प्रभावित रहेंगी। 11 जुलाई तक दो घंटे की हड़ताल रहेगी। 12 जुलाई को मुख्यालय घेराव की रणनीति भी तैयार कर ली गई है।