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गंगा स्नान के लिए जा रहे महिला, बेटे और पोती को ट्रक ने कुचला

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गंगा स्नान के लिए जा रहे महिला, बेटे और पोती को ट्रक ने कुचला
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हापुड़। निजामपुर बाईपास पर गाजियाबाद के सिहानी से गंगा स्नान के लिए गढ़मुक्तेश्वर जा रहे बाइक सवार मां, बेटा व मासूम को ट्रक ने कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दूसरी बाइक पर सवार मृतक का भाई, पत्नी और बहन बाल-बाल बच गए। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शवों को घर ले गए। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव सिहानी निवासी 28 वर्षीय अमित और उसका सगा भाई सुमित दो बाइकों से परिवार के साथ रात करीब 11.30 बजे गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। एक बाइक पर अमित, उसकी मां बेबी (50) और अमित की ढाई वर्षीय बेटी मिस्ठी थे, जबकि दूसरी बाइक पर उसका भाई सुमित, भाभी पारुल व बहन नेहा सवार थे।
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जैसे ही परिवार निजामपुर बाईपास के पास पहुंचा। पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने अमित की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। बाइक पर सवार तीनों लोग ट्रक के पहिये के नीचे आ गए। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक की चपेट में आने से दूसरी बाइक भी बाल बाल बची। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए। रोते बिलखते परिजन शव गाजियाबाद के सिहानी ले आए हैं।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह ने बताया कि ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया।
पति और बेटे की मौत से पारुल का बुरा हाल
अमित की शादी तीन साल पहले भोपुरा की पारुल के साथ हुई थी। दोनों ने जीवनभर साथ रहने की कसमें खाई थीं। लेकिन शनिवार की रात परिवार पर काल बनकर आई। पारुल की आंखों के सामने ही उसका सुहाग और मासूम बेटी उससे बिछड़ गए। पारुल की दशा देख हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया।
सिहानी निवासी चमन सिंह का परिवार में खुशियां अपार थीं। अमित दो भाइयों में बड़ा था, जो गाड़ियां चलाकर परिवार का पालन पोषण करता था। उसका छोटा भाई सुमित भी घर खर्च चलाने में हाथ बंटाता था। चमन की पत्नी बेबी ने बच्चों को अच्छे संस्कार दिए थे। पूरा परिवार हर महीने गंगा स्नान के लिए गढ़मुक्तेश्वर आता था। शनिवार शाम को ही परिवार ने गंगा स्नान का कार्यक्रम बनाया था। दिन में काफी गर्मी के चलते परिवार दो बाइकों से रात में ही घर से निकल गया। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि जिन खुशियों के साथ वह घर से निकल रहे हैं, वह चंद घंटों में ही उनसे छिन जाएंगी। पारुल की आंखों के सामने ही उसका पति, सास और बेटी काल के गाल में समा गए।
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जवान बेटे और पत्नी की मौत से पिता का बुरा हाल
जवान बेटे अमित (28) और पत्नी बेबी की मौत से चमन सिंह का बुरा हाल है। वह बिलखते हुए बार-बार कह रहे थे कि अब परिवार का क्या होगा। बेटी पारुल का क्या होगा। पलभर में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
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