गर्मी में 20 फीसदी बढ़ी बिजली की डिमांड, ओवरलोड हुए बिजलीघर
हापुड़। भीषण गर्मी के साथ ही बिजली की डिमांड भी बढ़ने लगी है। जून महीने में 20एमयू (मिलियन यूनिट) डिमांड बढ़ी है। जिसके कारण बिजलीघर ओवरलोड हो रहे हैं, इससे लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या लोगों पर भारी पड़ रही है। आलम यह है कि शहर से लेकर गांव तक लोग बिजली को तरस रहे हैं।
हापुड़ डिवीजन क्षेत्र के 14 बिजलीघरों से 110 गांवों समेत शहरी क्षेत्र के 30 हजार घरों को आपूर्ति दी जाती है। गर्मियां शुरू होने से पहले ही निगम अफसरों ने बिजलीघरों पर मेंटेनेंस का कार्य कराया ताकि गर्मी में स्थिति बेहतर रहे। लेकिन तापमान जैसे ही 40 डिग्री के पार पहुंचा है बिजलीघर ओवरलोड हो गए। जून महीने में बिजली की डिमांड 50 एमयू आ गई है, जो पहले 30 एमयू तक ही बनी हुई थी। 20 मिलियन यूनिट का इजाफा डिमांड में हुआ है।
इन बिजलीघरों से होती है आपूर्ति
हापुड़ डिवीजन के प्रीत विहार, दिल्ली रोड, रामपुर रोड, अतरपुरा, मोदीनगर रोड, जसरूपनगर, कैली, किल्हौड़ा, वझीलपुर, लालपुर, उबारपुर, धीरखेड़ा, पटना मुरादपुर बिजलीघर से क्षेत्र को आपूर्ति दी जाती है।
भीषण गर्मी में फाल्ट, कटौती की समस्या बढने से बिजलीघरों पर रखे शिकायती रजिस्ट्ररों में इन दिनों 60 फीसदी से अधिक शिकायतें बढ़ गई हैं। जिन्हें दुरुस्त करने में कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं।
लाइनलॉस से ओवरलोड हुए बिजलीघर
शहरी क्षेत्र के बुलंदशहर रोड स्थित दिल्ली गेट, मजीदपुरा, मोती कॉलोनी, नवाजीपुरा, पीर बाउद्दीन आदि मोहल्लों में लाइनलॉस की समस्या ज्यादा है। जिसके चलते इन इलाकों में विद्युत भार बढ़ जाता है। लाइनें इतना भार नहीं झेल पाती और फाल्ट हो जाता है। यही कारण है कि शिकायतों में 50 फीसदी से अधिक इन मोहल्लों से ही आती हैं।
बिजलीघरों को मिल रहे 10केवी वोल्टेज
बिजलीघरों को 11केवी वोल्टेज की आवश्यकता होती है। लेकिन भीषण गर्मी में जबरदस्त डिमांड के चलते बिजलीघरों को सिर्फ 10केवी वोल्टेज ही मिल पा रहे हैं। जिसके चलते बिजलीघर हांफ रहे हैं।
प्रयास किया जा रहा
गर्मी बढने से बिजली की डिमांड भी बढ़ी है। 50एमवी आपूर्ति की खपत जून महीने में हुई है। बेहतर आपूर्ति दिलाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। - मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता।