अवैध शराब आरोपियों को न मिल पाये जमानत : डीएम
हापुड़। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने कहा कि अवैध शराब माफियाओं और इससे जुड़े अपराधियों को जमानत न मिल पाए इसके लिए मजबूत पैरवी की जाए। डीजीसी व एसपीओ को निर्देशित किया कि किसी भी अपराध में संलिप्त व्यक्ति सजा मिले। मुकदमों में तारीखें लंबित ना रहे, जिससे केसों की सुनवाई होती रहे। डीएम एसपी नीरज कुमार जादौन के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों पर 156(3) के केसों में विभागों में जानकारी करने के उपरांत ही कानूनी कार्रवाई कराना सुनिश्चित करें। डीएम ने जिला आबकारी अधिकारी से कहा कि अवैध शराब के मामलों में भी जमानत न होने पाए। एपी नीरज कुमार जादौन ने पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में यह ध्यान रहे कि अपराधियों की कोर्ट से जमानत न होने पाए, हिस्ट्रीशीटर का विशेष नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें। पोक्सो, 376, 302 मामलों में अपराधियों की जमानत बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने एसपीओ व एडीजीसी से कहा कि वह अपना एक वर्ष के कार्यों का ब्यौरा दें कि उन्होंने कितने केसों में क्या-क्या सजा कराई। जिसका कार्य अच्छा होगा उसको अच्छी कोर्ट में भेजा जाएगा। जिलाधिकारी ने ग्राम न्यायालयों की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस पर अपर जिलाधिकारी जयनाथ यादव ने बताया कि धौलाना में नई कोर्ट आरंभ होने जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बालू व मिट्टी के अवैध खनन करते हुए जो भी वाहन पकड़ा जाता है कोर्ट द्वारा उन्हें छोड़ दिया जाता है यह स्थिति अच्छी नहीं है। यदि वाहन डीएफसीसी या एलएनटी का है और खनन में प्रयोग हो रहा है तो एफआईआर कराते समय उन कंपनियों का नाम भी सम्मिलित किया जाएगा। उन वाहनों पर जिला प्रशासन द्वारा दिया गया अनुमति पत्र चस्पा किया जाए। बैठक में एएसपी सर्वेश कुमार मिश्र, सभी एसडीएम, पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।