तीसरी लहर से निपटने की तैयारी, अस्पतालों को मिली दवाइयों की 9350 किट
हापुड़। कोरोना की तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी, पीएचसी पर दवाइयों की 9350 किट भेजी हैं। नवजात से 17 वर्ष की उम्र तक के बच्चों को चार आयु वर्गों में बांटकर अलग-अलग किट बनाई गई हैं। जरूरत पड़ने पर आशा और एएनएम घर-घर जाकर बच्चों को दवाओं की यह किट उपलब्ध कराएंगी।
बच्चों के लिए अभी तक कोरोना का कोई टीका नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका अधिक है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग व्यवस्थाएं करने में जुटा है। तीसरी लहर आई तो ें निगरानी समितियां घर-घर जाकर पता करेंगी कि बच्चे संक्रमित तो नहीं हैं। जिस घर के बच्चों में कोरोना के लक्षण होंगे, उन्हें मेडिकल किट दी जाएगी। सीएमओ डॉ रेखा शर्मा के अनुसार शून्य से 17 साल तक के बच्चों व किशोरों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें पहली श्रेणी में एक वर्ष तक के बच्चों को रखा गया है। दूसरी श्रेणी में दो से पांच वर्ष, तीसरी श्रेणी में छह से 12 वर्ष और चौथी श्रेणी में 13 से 17 वर्ष तक के बच्चे हैं। बच्चों की आयु, वजन और क्षमता के अनुसार ं किट में दवाइयां रखी गई हैं।
पूरे हैं इंतजाम
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की पूरी तैयारी की जा रही है। पहले चरण में 9350 दवाओं की किट मिली है। अस्पतालों को दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। - डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ।