पशु कटान पर फूटा 3 गांवों का गुस्सा
हापुड़। हाईवे से चंद कदम दूर गांव पटना के जंगल में मृत पशु ठेके के नाम पर चल रहे बड़ी मात्रा में गोवंश व अन्य पशुओं के कटान पर रविवार को करीब तीन गांवों के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। संघ सह विभाग प्रचारक प्रेमजी, क्षेत्रीय विधायक विजयपाल आढ़ती व अन्य पदाधिकारियों के अलावा हिंदू युवा वाहिनी के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए पुलिस के सामने ही कट्टी घर के गेेट तोड़ दिए। करीब चार घंटे हंगामे के बाद जेसीबी से पूरे आहते को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान तीन थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही।
देहात थाना क्षेत्र के गांव पटना के जंगल में बनाए गए एक आहते में पिछले करीब पांच सालों से अंबेडकर नगर निवासी कुछ लोगों द्वारा मृत पशुओं का ठेका चलाया जा रहा था। रविवार को कुछ ग्रामीणों को सूचना मिली कि यहां गोवंश का कटान हो रहा है। सूचना पर गांव पटना, धनौरा और ददयरा के बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच गए। इस दौरान यहां बड़ी मात्रा में बर्फ मीट और गोवंश के अवशेष पड़े होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों की सूचना पर अन्य पदाधिकारियों के साथ भाजपा उत्तरी मंडल अध्यक्ष विनीत दीवान, प्रवीन सिंहल, राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष रितिक त्यागी, तुषार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी यहां पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि पुलिस की मिलीभगत से यहां लंबे समय से कटान का कार्य हो रहा है। रोज करीब दो से तीन ट्रक मीट यहां से मेरठ और हापुड़ में सप्लाई हो रहा था। पशु चिकित्सकाधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने मौके पर जांच कर प्रथम दृष्टया गोवंश के अवशेष पड़े होने की पुष्टि की।
महिलाओं ने पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
मामले की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में आसपास के गांवों की महिलाएं भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने हंगामा करते हुए आहते का गेट तोड़ दिया। लोगों ने हापुड़ पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे के करीब दो घंटे बाद सदर एसडीएम, एएसपी और तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन लोग पूरे आहते को ध्वस्त करने पर अड़े रहे। करीब चार घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने आहते को ध्वस्त करा दिया।
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आसपास न फटके कोई ग्रामीण, पाल रखे थे खूंखार कुत्ते
ग्रामीणों के अनुसार आहते के आसपास कोई न फटके, इसके लिए आरोपियों ने खूंखार कुत्ते पाल रखे थे। इन कुत्तों ने कई लोगों को काटकर घायल भी किया था। करीब दस कुत्ते यहां रहते थे और पास आने वाले ग्रामीणों को दौड़ा लेते थे। ऐसे में कोई ग्रामीण यहां नहीं फटकता था और इसका फायदा उठाकर कटान किया जाता था।
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मृत पशुओं का भी बेचा जा रहा था मीट
अधिकारियों ने मौके से करीब दस क्विंटल मांस बरामद किया है। जिसे बर्फ में लगाया हुआ था। ऐसे में आशंका है कि यहां जिंदा पशुओं के कटान के साथ साथ मृत पशुओं का मांस भी लोगों को बेचा जा रहा था। यह मांस ठेलों और होटलों पर बनने वाली बिरायनी आदि में खपाये जाने की आशंका जताई जा रही है। ऐेसे में यह लोगों की सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है।
तीन दिन पहले हुई शिकायत लीक, शिकायतकर्ता को पीटा --
यहां अवैध कटान की शिकायत करीब तीन दिन पहले एक युवक ने एसपी कार्यालय में की थी। लेकिन यह शिकायत थाने से लीक हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने शिकायत करने वाले ग्रामीण के साथ ही मारपीट कर दी। जिसके बाद ही लोगों का गुस्सा फूटा।
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नहीं हुआ था ठेके का नवीनीकरण
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्रणव पांडेय ने बताया कि मृत पशु के इस ठेके का वर्ष 2020-21 के लिए कोई नवीनीकरण नहीं हुआ है। ऐसे में यह ठेका पूरी तरह से अवैध रूप से चल रहा था।
कोट्स
मामले को गंभीरता से लेते हुए गोवध अधिनियम, महामारी अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में 13 नामजद और सात-आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ जिला पंचायत के राजस्व निरीक्षक संदीप शुक्ला की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा, हापुड़
मृत पशु अवशेषों में भैंसों के साथ गोवंश के भी अवशेष थे। जबकि मिला मांस भैंस का था, जिसे बेचने के लिए बर्फ में रखा हुआ था। डा. प्रमोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी