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तीन साल में खाद-बीज के 24 सैंपल हो गए फेल

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तीन साल में खाद-बीज के 24 सैंपल हो गए फेल
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हापुड़। जिले में बढ़े पैमाने पर मिलावटी बीज, उर्वरकों की बिक्री का खेल हो रहा है। कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। तीन साल के अंदर 24 सैंपल फेल हुए हैं, जबकि 29 संदिग्ध सैंपलों का परिणाम आना बाकी है।
हापुड़ कृषि प्रधान जिला है, बड़ी संख्या में किसान खेतीबाड़ी करते हैं। उन्नत खेती के लिए अच्छी गुणवत्ता का बीज, उर्वरक जरूरी है, इसके लिए किसानों को बाजारों का ही सहारा लेना पड़ता है। लेकिन बाजारों में कुछ दुकानदार मुनाफा कमाने के लिए मिलावटखोरी का खेल कर रहे हैं। इनमें कई तो अपनी दुकानों के गोदाम में ही पैकेजिंग का कार्य करते हैं।
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बीज, उर्वरकों की मिलावटखोरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन साल के अंदर कृषि अधिकारियों द्वारा जांच को भेजे सैंपलों में 24 अद्योमानक मिले हैं, इसमें एक नामचीन खाद कंपनी का भी उर्वरक शामिल है। 29 सैंपल संदिग्ध है, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
तीन साल में 24 दुकानों के लाइसेंस निरस्त
कृषि विभाग द्वारा 24 दुकानों के इन तीन सालों में लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। जबकि रिकॉर्ड दुरुस्त न रखने पर 10 से अधिक लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ दुकानदार किस तरह किसानों को घटिया बीज थमाकर उनकी फसलों को चौपट करने में लगे हैं।
वर्ष सैंपल मानक अद्योमानक लंबित सैंपल
2019 100 69 5 26
2020 101 89 11 00
2021 149 138 8 03
मिलावटी उर्वरक बनाने की फैक्ट्री का हुआ भंडाफोड़
हापुड़ में मिलावटी उर्वरक बनाने का काम भी धड़ल्ले से होता है। मोदीनगर रोड पर बीते दिनों एक इसी तरह की फैक्ट्री को कृषि विभाग के अधिकारियों ने पकड़ा था। दुकानदार के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
बंदगोभी के घटिया बीज से सैकड़ों बीघा फसल हुई थी बर्बाद-
वर्ष 2018 में हापुड़ की ही एक दुकान से किसानों को बंदगोभी का घटिया बीज दे दिया गया था। इस बीज की बुवाई महमूदपुर, श्यामपुर, ददायरा, सीतादेई आदि गांवों में की गई थी। बेहद महंगा बीज होने के बाद भी फसल नहीं होने से गुस्साए किसानों ने काफी हंगामा भी किया था। लेकिन आज तक भी इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकी है।
किसानों को मुआवजा दिलाने को कोर्ट में डाली याचिका
जिले में खाद का आवंटन करने वाली एक कंपनी के उर्वरकों के कई सैंपल फेल हुए थे। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांव धनौरा निवासी शिवकुमार त्यागी ने कंपनी पर जुर्माना लगाने व किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
क्या कहते हैं किसान-
कर्ज लेकर खरीदा बीज
किसान मुकेश त्यागी का कहना है कि किसान जैसे तैसे कर्ज लेकर बीज, उर्वरक खरीदते हैं, ऐसे में पूरा पैसा लेने के बावजूद उन्हें घटिया बीज दिया जा रहा हैं। यह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है, इनपर सख्त कार्रवाई हो।
प्रशासन करे सख्त कार्रवाई
किसान जतिन चौधरी का कहना है कि कृषि विभाग को ऐसे दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर, उन्हें जेल भिजवाना चाहिए। किसानों का शोषण करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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-अधिकारी कहिन-
जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार सिंह ने बताया कि जिन दुकानों के सैंपल अद्योमानक मिले हैं। नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है, 24 लाइसेंस निरस्त किए हैं। भविष्य में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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