भाकियू कार्यकर्ताओं ने जलाई कृषि कानूनों की प्रतियां, हंगामा
हापुड़। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर किसानों ने शनिवार को पुरानी कलक्ट्रेट का घेराव कर तीनों कृषि कानूनों की प्रतियों को जलाया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई। हंगामा बढ़ता देखकर भारी पुलिस बल के साथ एएसपी मौके पर पहुंचे, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। एडीएम के पहुंचने पर किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। साथ ही गाजीपुर बॉर्डर पर आगामी आंदोलन को बड़ा रूप देने की योजना बनाई।
भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसी भी तरह किसानों के हित में नहीं हैं। इनकी वापसी को लेकर बीते कई महीनों से किसान सड़कों पर आंदोलन व धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को सुनने को तैयार नहीं है। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंडल सचिव ज्ञानेश्वर त्यागी व राष्ट्रीय सचिव कुशलपाल आर्य ने कहा कि कृषि कानून किसी हाल में कबूल करने योग्य नहीं हैं। सरकार किसानों के हितों को लेकर कतई गंभीर नहीं है, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। किसानों का मिल अरबों रुपये दबाए बैठी हैं, जिला प्रशासन इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। गेहूं खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन में भी किसानों को परेशानी हो रही है।
इन समस्याओं के विरोध में पुरानी कलक्ट्रेट पहुंचकर किसानों ने जोरदार हंगामा किया। तीनों कानूनों की प्रतियां जलाने से रोक पाने में पुलिस असमर्थ रही। किसानों के रोष के आगे समस्त अधिकारी सिर्फ उन्हें समझाते ही नजर आए। हंगामा बढ़ता देखकर एएसपी सर्वेश कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने।
इसके बाद एडीएम जयनाथ सिंह यादव भी किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताई। साथ ही कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन को बड़ा रूप देने की योजना भी बनाई।
इस मौके पर यशवीर सिंह, तेजपाल सिंह, अमित शर्मा, रामपाल सिंह, रणवीर सिंह, उदयवीर मुखिया, परमजीत, कुलदीप राठी, नानक चंद शर्मा, विक्की, भूरे, श्याम सिंह, हरेंद्र सिंह, सचिन त्यागी, कौशर, बबली त्यागी, भगतराम, उदयवीर मुखिया, चौधरी अमरपाल सिंह, मुन्ना सिंह, सोनू, हाजी कौशर, बबली चौधरी, मनवीर सिंह, जगवीर सिंह, दीपक आदि मौजूद रहे।