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अंडों की बढ़ी डिमांड, पिछले लॉकडाउन से 60 रुपये महंगी हुई क्रेट

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अंडों की बढ़ी डिमांड, पिछले लॉकडाउन से 60 रुपये महंगी हुई क्रेट
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हापुड़। कोरोना महामारी काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अंडों की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है। चिकित्सकों की सलाह के बाद शरीर में प्रोटीन की कमी पूरा करने के लिए लोग अंडों का खूब सेवन कर रहे हैं। पंजाब व मेरठ से अंडा कम आने की वजह से दाम भी आसमान छू रहे हैं। यह डिमांड पिछले साल लॉकडाउन से भी ज्यादा है। गत वर्ष 120 रुपये तक की कैरेट बिकी थी लेकिन इस बार 180 रुपये तक बिक रही है।
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोटीनयुक्त भोजन को ज्यादा वरीयता दे रहे हैं। प्रोटीनयुक्त आहार को सबसे कारगर हथियार मानकर चल रहे हैं। अंडे में विटामिन, प्रोटीन, केल्सियम व अन्य जरूरी पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है। इसी को ध्यान रखते हुए लोग गर्मी के मौसम में भी अंडों का सेवन ज्यादा करना पसंद कर रहे हैं।
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पिछले दिनों तक 120 तक बिकने वाली कैरेट अब 170 से 180 तक बिक रही है। गर्मी के मौसम में अंडों के सैकड़ा वाले दामों पर 300 से 350 तक की बढ़ोत्तरी हो गई है।
हापुड़ में अंडा कम, चिकन उत्पादन ज्यादा --
पॉल्ट्री व्यवसायियों की मानें तो हापुड़ में करीब नो पॉल्ट्री फार्म हैं। इनमें दो से तीन में ही अंडों का उत्पादन होता है। हापुड़ में पिलखुवा व हापुड़ ब्लाक के पॉल्ट्री फार्म में प्रति सप्ताह लगभग दस हजार अंडों का ही उत्पादन होता है। जबकि हापुड़ में अंडों की डिमांग व आपूर्ति अधिकांश बाहरी राज्यों से ही होती है। हापुड़ के अधिकांश पॉल्ट्री फार्म में चिकन (मांस) उत्पादन होता है।
मेरठ, पंजाब से आ रहा महंगा अंडा
गर्मियों के मौसम में अंडा सस्ता रहता था, लेकिन कोरोना संक्रमण काल में लोग अंडों का सेवन ज्यादा कर रहे हैं। ऐसा पिछले लॉकडाउन के मुकाबले ज्यादा देखने को मिल रहा। इसलिए एकाएक अंडों की डिमांड बढ़ गई है। प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए लोग महंगे अंडे भी खरीद रहे हैं।--सलीम, अंडा विक्रेता।
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अंडे की बढ़ गई एकाएक मांग
अंडे की तासीर गर्म होने की वजह से लोग गर्मियों में अंडे कम ही खाते हैं, लेकिन जिम करने वाले स्पोटर्सपर्सन अंडों का सेवन पूरे सालभर करते हैं। लेकिन कोरोना महामारी काल में शरीर को संपूर्ण डाइट देने के लिए अंडों का सेवन खूब कर रहे हैं। इससे अंडों की डिमांड काफी बढ़ी है।--सादाब, अंडा विक्रेता।
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पॉल्ट्री बंद होने से बढ़ी परेशानी
पिछले कुछ समय से पोल्ट्री बंद चल रही हैं। इससे अंडों का उत्पादन होना प्रभावित हो रहा है। जबकि कोरोना महामारी के चलते अंडों की मांग बढ़ी है। वर्तमान में मांग ज्यादा होने और आपूर्ति कम होने से अंडों के दाम आसमान छू रहे हैं। आने वाले दिनों में दाम कम होने की संभावना है।--जसमीत, पॉल्ट्री व्यवसायी।
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वर्ड फ्लू की वजह से कम हो रहा उत्पादन
साल के शुरूआत में वर्ड फ्लू फैलने की वजह पॉल्ट्री फार्मों में उत्पादन प्रभावित हुआ था। उसके बाद कोरोना कर्फ्यू की वजह से उत्पादन कम ही हो रहा है। इससे लेयर मुर्गी की कमी चल रही है। जबकि कोरोना संक्रमण में मांग बढ़ने से अंडों के दामों में एकाएक उछाल आया है।---जशनजीत सिंह नंदा, पॉल्ट्री व्यवसायी।
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