तैयारी: बच्चों की आईसीयू में होंगे 260 बेड, 50 वेंटिलेटर
हापुड़। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले के तीनों मेडिकल कॉलेजों को व जिले की सभी छह सीएचसी में 10-10 पीडियाट्रिक वार्ड बनाए जाएंगे। इमरजेंसी के लिए 50 वेंटिलेटर होंगे। बच्चों के लिए बने वार्ड में देखभाल के लिए मां भी रह सकेंगी।
कोरोना की पहली लहर 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए खतरनाक साबित हुई तो दूसरी लहर में युवाओं के लिए। अब विशेषज्ञ तीसरी लहर में बच्चों के लिए खतरे की आशंका जता रहे हैं। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिले में संचालित तीनों मेडिकल कॉलेजों, सरस्वती, जीएस , रामा मेडिकल, में बच्चों के लिए इंटेंसिव केयर यूनिट में 50-50 बेड की व्यवस्था होगी।साथ ही स्वास्थ्य विभाग अपनी 6 सीएचसी में 10-10 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड और जिला अस्पताल में 50 बेड का वार्ड तैयार करेगा।
---
स्वास्थ्य विभाग मेें सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ
स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ है, ऐसे में बच्चों की देखरेख के लिए विभाग की एएनएम और स्टॉफ नर्स को नोएडा में जल्द ही ट्रेनिंग दिलायी जाएगी। ताकि जरूरत पडने पर बच्चों की देखरेख की जा सके।
---
25 निजी डॉक्टरों का सहारा
जिले के निजी अस्पतालों में 25 बाल रोग विशेषज्ञ हैं। स्वास्थ्य विभाग को कहना है कि जरूरत पड़ने पर इन सभी की मदद ली जाएगी।
---
अब तक संक्रमित बच्चे
70 बच्चे संक्रमित हुए पहली लहर में
185 बच्चे संक्रमित हुए दूसरी लहर में
100 प्रतिशत है अभी तक रिकवरी रेट
---
बच्चों में हैं यह लक्षण तो तत्काल कराएं जांच:
बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकावट, सूंघने की क्षमता में कमी आना।
नाक बहना, मांसपेशियों में तकलीफ, गले में खरास।
कुछ बच्चों को दस्त, उल्टी और पेट दर्द भी हो सकता है।
---
डरें नहीं, पूरी है तैयारी
अभी तक संक्रमण का बच्चों पर कम प्रभाव पड़ा है। जो बच्चे संक्रमित हुए उनमें से अधिकांश आसानी से कोरोना से उबर गए। कुछ को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है। फिर भी तीसरी लहर से निपटने को तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं।
डॉ. रेखा शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी