फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संकट : अस्पतालों में सिर्फ 48 घंटे की ही बची ऑक्सीजन

विज्ञापन
जिला अस्पताल में भर्ती होने के लिए एंबुलेंस से उतारते मरीज। - फोटो : HAPUR
विज्ञापन
संकट : अस्पतालों में सिर्फ 48 घंटे की ही बची ऑक्सीजन
विज्ञापन

हापुड़। कोरोना मरीजों के लिए जिले के अस्पतालों में केवल 48 घंटे की ऑक्सीजन गैस बची है। स्वास्थ्य विभाग इसका दावा कर रहा है। हालांकि रविवार को जिले के दो मेडिकल कॉलेजों को दस हजार लीटर ऑक्सीजन की सप्लाई मिली है। जबकि एक अन्य मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में 120 जंबो सिलिंडर की व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन तीन से चार हजार लीटर ऑक्सीजन की खपत हो रही है।
कोरोना संक्रमण का बढ़ते प्रकोप से जिले में हाहाकार मचा हुआ है। अस्पतालों में मरीज भर्ती होने के लिए भटक रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते ऑक्सीजन का संकट भी पैदा हो गया है। देश भर के अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट के चलते जिले को भी सप्लाई मिलने में दिक्कत हो रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अभी 48 घंटे की ऑक्सीजन होने का दावा कर रहा है।
विज्ञापन

रोजाना तीन से चार हजार लीटर ऑक्सीजन की हो रही खपत
जिले में कोरोना मरीजों के लिए तीन मेडिकल, तीन निजी अस्पताल व एक जिला अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया है। इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए प्रतिदिन तीन से चार हजार लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। स्वास्थ्य अफसरों की मानें तो रविवार को दस हजार लीटर ऑक्सीजन का स्टॉक बाहर से मंगवाया गया है, जिसे सरस्वती और रामा मेडिकल को दिया गया है। इसके अलावा जीएस मेडिकल कॉलेज में 120 जंबो सिलेंडरों की व्यवस्था हैं, एक जंबों सिलेंडर में चालीस लीटर तक गैस आती है।
विज्ञापन

ऑक्सीजन के लिए भेजी डिमांड
जिले में मरीजों की जान बचाने के लिए जिला प्रशासन लगातार ऑक्सीजन के लिए डिमांड भेज रहा है। मुजफ्फरनगर से दस हजार लीटर ऑक्सीजन मिलने से कुछ राहत मिली है, अब जल्द ही अफसर करीब बीस हजार लीटर ऑक्सीजन मिलने की भी बात कह रहे हैं। सीएमओ रेखा शर्मा का कहना है ऑक्सीजन की डिमांड भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें