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ऑक्सीजन प्लांट बनेगा, मरीजों को सीधे बेड तक होगी सप्लाई

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ऑक्सीजन प्लांट बनेगा, मरीजों को सीधे बेड तक होगी सप्लाई
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हापुड़। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते भले ही प्रदेश में हाहाकार मचा हो लेकिन हापुड़ में लोगों को ऑक्सीजन सिलिंडर के मामले में घबराने की जरूरत नहीं है। सवास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो वर्तमान में कोरोना मरीजों को जितनी ऑक्सीजन की आवश्यकता है उससे कहीं ज्यादा उपलब्ध है। दस्तोई रोड स्थित जिला अस्पताल में एक करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट बन रहा है, जिससे पाइपलाइन के जरिए प्रत्येक वार्ड को ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। साथ ही मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों में करीब 25 हजार लीटर ऑक्सीजन का भंडार उपलब्ध है। फिलहार 500 सक्रिय मरीजों में से 22 को ही सामान्य तौर पर ऑक्सीजन देने की आवश्यकता पड़ रही है।
कोरोना संक्रमण के दौरान कई बार मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर गिरने लगता है, जिससे मौत भी हो जाती है। यदि समय रहते ऑक्सीजन मिल जाए तो मरीज की जान बच भी जाती है। सरकार 24 घंटे ऑक्सीजन की उपलब्धता का आदेश कर चुकी है। हापुड़ जिले में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं।
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यहां संक्रमितों की आंकड़ा 500 के पार हो गया है। लेकिन गनीमत यह है कि इन मरीजों में सिर्फ 22 को छोड़कर बाकी सभी का ऑक्सीजन स्तर सामान्य बना हुआ है। 22 मरीज जो हापुड़ जिले के नहीं हैं, उन्हें सामान्य तौर पर ऑक्सीजन देनी पड़ रही है, वेंटीलेटर पर भी लेने की आवश्यकता नहीं है। बहरहाल, परिस्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई गई है। सरकारी और मेडिकल कॉलेजों की बात करें तो इनके भंडार में करीब 25 हजार लीटर ऑक्सीजन मौजूद है, जबकि कोरोना के मरीजों पर जरूरत एक दिन में महज 880 लीटर के आसपास ही पड़ रही है। बता दें कि दस्तोई रोड पर बने जिला अस्पताल में एक करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट बनाया जा रहा है। जिससे अस्पताल के सभी 100 वार्डों में ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। इसके लिए पाइपलाइन डालने का कार्य पूरा भी हो चुका है। अस्पताल के साथ ही बाहर के सरकारी अस्पतालों को भी यहां से ऑक्सीजन सप्लाई की जाएगी।
अस्पतालों में ऑक्सीजन की स्थिति
अस्पताल उपलब्धता
सरस्वती मेडिकल 11000 लीटर
रामा मेडिकल 8000 लीटर
जीएस मेडिकल 3000 लीटर
जंबो सिलिंडर(40 लीटर) 16
छोटे सिलिंडर(10 लीटर) 173
एक मरीज पर 24 घंटे खर्च होता है जंबो सिलिंडर
जिले में भर्ती कोरोना के 22 मरीजों को ऑक्सीजन देने की आवश्यकता पड़ रही है। सामान्य तौर पर एक जंबो सिलिंडर मरीज को 24 घंटे तक ऑक्सीजन देता है। वहीं, वेंटीलेटर पर यह 6-8 घंटे चल पाता है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं होगी। पूरी मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है। इसके अलावा प्लांट भी जल्द ही इसके लिए तैयार हो जाएगा।
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