लॉकडाउन की आशंका में दुकानदारों ने बंद किया उधार
हापुड़। जिले में बेकाबू होते कोरोना से बाजार पर भी असर पड़ा है। रात्रि कर्फ्यू लगने के बाद से जिले में हालात नहीं सुधर रहे हैं। ऐसे में लॉकडाउन की आशंका के चलते व्यापारियों ने उधार बंद कर दिया है। दुकानों पर नोटिस भी चस्पा कर दिए हैं। दुकानदारों ने अब पिछले उधार का तकादा करना शुरू कर दिया है।
मार्च 2020 में लॉकडाउन के बाद से बाजार बंद हो गए थे। शहर के बाजार में फुटकर के किराना, मर्चेंट, गारमेंट्स आदि दुकानदारों के पास गांव, शहर के ग्राहकों का उधार का खाता चलता है। प्रतिदिन हापुड़ में करीब 5 करोड़ का उधार में फुटकर कारोबार होता है। लॉकडाउन के कारण व्यापारियों का लाखों रुपये फंस गया। अनलॉक प्रक्रिया के शुरू होने पर बाजार तो खुले लेकिन उधार की पूरी रकम नहीं मिल सकी। ऐसे में अब कोरोना की दूसरी लहर ने दुकानदारों को परेशानी में डाल दिया है।
कारोबारियों का कहना है कि कहने को रात्रि कर्फ्यू 10 बजे से सुबह पांच बजे तक है। लेकिन होटल, रेस्टोरेंट जैसे कई कारोबार इतने से ही तबाह हो जाएंगे। इसके अलावा रात के कर्फ्यू का असर दिन के कारोबार पर भी पड़ेगा।
बीते साल लॉकडाउन से पहले उन्होंने जो माल उधर में दिया था। उसका पूरा पैसा आज तक नहीं मिल पाया है। उधार की बामुश्किल आधी रकम की वसूली हो पाई है। अब फिर वही हालात होने लगे हैं।
छोटे दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर उधार बंद के नोटिस लगाने शुरू कर दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि भले ही माल कम बिके, पर नकद में बिक जाए। अब यदि लॉकडाउन जैसी कार्रवाई हुई तो उधार का पैसा निकालना मुश्किल हो जाएगा।
थोक के कारोबार में उधार देना मजबूरी
थोक का जितना कारोबार होता है, वह अधिकांश उधार पर ही होता है। हालांकि इसका पैसा निकल जाता है, क्योंकि थोक विक्रेता से माल खरीदने वाले लोगों को बाजार चलाना होता है। भविष्य में भी उनकी जरूरतें रहती हैं, इसलिए वह पैसा दे ही देते हैं।
आज नकद, कल उधार के लगे हैं नोटिस
जिले में दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर आज नकद, कल उधार के नोटिस चस्पा कर दिए हैं। ऐसे में जो लोग बाजारों में सामान लेने पहुंचते है, वह इन नोटिसों को देखकर नकद में ही माल खरीदते हैं।
दुकानदार रोहित ने बताया कि बीते लॉकडाउन में काफी रकम फंस गई थी। जिसकी पूरी वसूली अभी तक नहीं हो सकी है। ऐसे में अब नकद में ही सामान बेचेंगे, क्योंकि संक्रमण फिर तेजी से बढ़ रहा है।
दुकानदार रवि का कहना है कि उन्होंने अपनी दुकान पर उधार बंद का नोटिस लगवा दिया है। लॉकडाउन की सुगबुगाहट फिर से होने लगी है। ऐसे में बाजार बंद हुए तो उधार का पैसा फिर फंस जाएगा।
दुकानदार रविंद्र का कहना है कि वह नकद में ही सामान बेचेंगे, भले ही कम माल बिके। इसमें यह तो रहेगा कि पैसा बाजार में नहीं फंसेगा। कभी भी लॉकडाउन जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए उधार बंद कर दिया है।