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अलग काउंटरों पर होगा 220 करोड़ के बिजली बिलों का निपटारा

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अलग काउंटरों पर होगा 220 करोड़ के बिजली बिलों का निपटारा
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हापुड़। नलकूप के बिजली बिलों में 220 करोड़ के घोटाले से बिन वजह विवादित बकायेदारी में फंसे हजारों किसानों को अब जल्द ही राहत मिलने जा रही है। जांच कमेटी ने तमाम रिकॉर्ड का अवलोकन कर एक-एक रसीद का डिजटलाइजेशन कराया है। यह विस्तृत रिपोर्ट रिकार्ड के साथ गढ़मुक्तेश्वर डिवीजन के अधिशासी अभियंता को सौंप दी गई है। साथ ही इसके आधार पर बिलों को संशोधित करने के आदेश दिए हैं, अलग से काउंटर बनाने के भी निर्देश हैं।
वर्ष 2003 और वर्ष 2009 में ओटीएस में छूट की आड़ में नलकूप के बिलों में बड़ा घोटाला किया गया था। 220 करोड़ रुपये के घोटाले की इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। जिसमें बिजली निगम के कई कर्मचारियों को जेल भी जाना पड़ा। करीब 18 साल से चल रही जांच अब किसी नतीजे पर पहुंच सकी है।
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इस प्रकरण की जांच ईडी संस्था ने भी की थी। हालांकि हापुड़ की तत्कालीन डीएम अदिति सिंह के इस मामले में हस्ताक्षेप के बाद शासन से दोबारा जांच कमेटी गठित की गई थी। जनवरी 2021 में इस टीम ने हापुड़ डिवीजन कार्यालय के रिकॉर्ड से घोटाले की अविध के तमाम दस्तावेजों को जुटाया था।
जांच में शामिल निगम के वाणिज्य निदेशक ने बताया कि रिकॉर्ड रूप में निरीक्षण के दौरान वर्ष 2003 से पहले की 58 चालान बुकें मिली। इनमें से अधिकतर में मुख्य रोकडिय़ां (राजस्व) द्वारा जारी रसीदें भी बाईंडर के रूप में संलग्न पायी गई। वर्ष 2003 से पूर्व के राजस्व वसूली संबंधी अभिलेख नहीं मिलने के कारण जांच प्रभावित हो रही थी। वर्ष 2006 के पश्चात के एक मुश्त समाधान योजनाओं के रजिस्टरों को भी डिजिटलाइजेशन कर लिया गया है। हालांकि उपलब्ध रिकॉर्ड संपूर्ण नहीं है, फिर भी अधिकांश निजी नलकूप उपभोक्ताओं के प्रकरणों के निस्तारण के लिए यह पर्याप्त है।
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जांच कमेटी द्वारा तमाम रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन करा दिया गया है। इसकी एक पीडीएफ फाइल तैयार कर हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर डिवीजन के अधिशासी अभियंताओं को सौंप दी गई है। गढ़मुक्तेश्वर डिवीजन में स्याना चौपला स्थित बिल खंड कार्यालय पर बिल संशोधन का कार्य शुरू हो गया है। किसान जमा बिल की मैनुअल रसीद की छायाप्रति और पीटीडब्लू बुक की छाया प्रति जितनी भी उपलब्ध हैं, वहां उपलब्ध करा दें। हापुड़ में भी इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि पत्र मिल चुका है। पैनड्राइव में आई पीडीएफ फाइल का अवलोकन किया जा रहा है। जल्द ही किसानों को राहत दिलायी जाएगी।
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