फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिश्वत मांगने और फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाला दरोगा सस्पेंड

विज्ञापन
विज्ञापन
रिश्वत मांगने और फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाला दरोगा सस्पेंड
विज्ञापन

हापुड़। थाना धौलाना क्षेत्र की यूपीएसआईडीसी पुलिस चौकी प्रभारी सरवन गौतम को एक युवक के परिजनों से रिश्वत मांगना और उसके खिलाफ फर्जी रूप से अवैध शराब बरामद दिखाकर मुकदमा दर्ज कराना भारी पड़ गया। परिजनों की शिकायत के बाद सीओ द्वारा जांच में आरोप सिद्ध होने पर एसपी ने दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
थाना धौलाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की नाबालिग पुत्री 15 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। जिसके संबंध में परिजनों द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच यूपीएसआईडीसी चौकी पर तैनात दरोगा सरवन गौतम को सौंपी गई। परिजनों के शक और किशोरी के मोबाइल में चल रहे सिम की आईडी के आधार पर दरोगा ने पड़ोसी युवक को हिरासत में लेकर हवालात में बंद कर दिया। युवती के मोबाइल में जो सिम था वह युवक की मां के नाम था।
विज्ञापन

18 मार्च को पुलिस ने किशोरी को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया। युवती ने पुलिस के समक्ष दिए बयानों में बताया कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी और आरोपी युवक से इसका कोई लेना देना नहीं है। आरोप है कि दरोगा ने युवक को छोड़ने की एवज में उसके परिजनों से रिश्वत की डिमांड की। परिजनों का कहना है कि इसके लिए उसे रिश्वत भी दे दी गई, लेकिन इसके बाद भी दरोगा ने उसे नहीं छोड़ा। आरोप है दरोगा ने युवक से 15 पेटी शराब बरामद दिखाते हुए आबकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर दी। इस मामले में परिजनों द्वारा एसपी नीरज कुमार जादौन से शिकायत की गई थी।
एसपी ने इसकी जांच सीओ पिलखुवा को सौंपी। लेकिन उनके छुट्टी पर चलने के कारण सीओ हापुड़ एसएन वैभव पांडेय ने मामले की जांच की। सीओ की प्रारंभिक जांच में दरोगा द्वारा रिश्वत लेने और निर्दोष के खिलाफ मुुकदमा दर्ज करने का मामला प्रकाश में आया। रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया है। जबकि इस पूरे प्रकरण में थाना प्रभारी निरीक्षक पर जांच के दायरे में हैं। उनके खिलाफ भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन

एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि दरोगा सरवन गौतम के खिलाफ प्राथमिक जांच में आरोप सत्य पाए गए हैं, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया है। थाना धौलाना प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिंह तोमर की भूमिका भी संदिग्ध है। दोनों के खिलाफ जांच करने के लिए सीओ गढ़मुक्तेश्वर को नियुक्त किया है। एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें