मच्छरों को घर के आंगन से बाहर करेंगे वनस्पति पौधे
हापुड़। गर्मियों में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों को अब वनस्पति पौधे घर के आंगन में नहीं फटकने देंगे। उद्यान विभाग ने पौधों की चार ऐसी प्रजातियों को तैयार किया है, जिनके आस पास भी मच्छर नहीं भटकेंगे। संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए शासन के आदेश पर जिले में कैंप लगाकर लोगों को चारों पौधों की खूबियों से अवगत कराया जाएगा। इन पौधों को गमला, छत, घर के आंगन में आसानी से उगाया जा सकेगा।
जिले में हर साल डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के सैकड़ों केस सामने आते हैं। यह सभी बीमारियां मच्छरों के कारण ही फैलती हैं। इन बीमारियों पर शिकंजा कसने के लिए एक माह तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में तमाम सरकारी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां मिली हैं।
ऐसे में उद्यान विभाग ने मच्छरों के खतरे को कम करने के लिए वनस्पति पौधों का सहारा लिया है। इन पौधों में लेमन ग्रास, पामा रोजा, लिवेंड्रा, तुलसी आदि शामिल किए गए हैं। यह पौधे अपने आस पास किसी भी मच्छर को नहीं फटकने देते। ऐसे में यदि घर के आंगन में इन पौधों को लगा दिया जाए तो मच्छरों से तो निजात मिलेगी ही। साथ ही घर वनस्पति पौधों से महक भी उठेगा, जिसका लाभ मनुष्य स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा।
उद्यान विभाग के अनुसार लेमन ग्रास, पामा रोजा, लिवेंड्रा, तुलसी के पौधे आकार में छोटे होते हैं। जिन्हें गमला, मकान की छत और दीवार पर लगे गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है। इन पौधों पर आने वाले फूल से घर का आंगन प्राकृतिक खुशबू से महक उठेगा। प्रतिदिन सुबह उठकर इन पौधों को आंखों से देखने पर आंखों की रोशनी भी बढ़ेगी। साथ ही घर का वातावरण स्वच्छ रहेगा।
उद्यान विभाग संचारी रोग नियंत्रण अभियान को लेकर जिले में कैंप भी लगवाएगा। इस कैंप में लोगों को इन पौधों के लाभों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही शासन से इन पौधों की डिमांड कर लोगों को वितरण भी किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि चारों वनस्पति पौधे प्रकृति के प्रहरी हैं, जिनका वातावरण पर अनुकूल प्रभाव होता है। यह पौधे मच्छर रोधी है, इनके आस पास मच्छर नहीं आते। ऐसे में घरों के आंगन में इन्हें उगाकर मच्छरों के खतरे से बचा जा सकता है।