गंगा तटों पर होगी हरियाली, गांवों में लगेंगे फलदार पौधे
हापुड़। नमामि गंगे योजना के तहत अब गंगा के तटों को ग्रीन बेल्ट में तब्दील किया जाएगा। वन विभाग और उद्यान विभाग अब गंगा के किनारे के गांवों में आम और अमरूद की विशेष प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
नमामि गंगे योजना के तहत गंगा के घाटों को प्रदूषण मुक्त रखने का प्रयास किया जा रहा है। गंगा के तटों के गांवों में इसके लिए पहले ही जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा यहां दूसरी योजनाएं भी चल रही हैं। अब गंगा किनारे के क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट बनाने की योजना तैयार की जा रही है। हालांकि यह योजना वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान लागू की गई थी। लेकिन लॉकडाउन और इसके बाद आर्थिक हालातों के कारण योजना का क्रियान्वयन नहीं हो सका। अब फिर से योजना को गति देने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत गंगा के तट हरियाली से लहलहाएंगे वहीं गंगा तटों के गांवों में आम और अमरूद के बाग लगाए जाएंगे। पौध के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वहीं मनरेगा योजना से पौधों के लिए गड्ढा खोदने की व्यवस्था की जाएगी। यह पौध गंगा किनारे की सरकारी भूमि पर लगेगी। इसके अलावा किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वह आगे आकर इसका लाभ उठा सकें।
जिले में गंगा तट पर लगभग 50 हेक्टेयर जमीन पर ये बाग लगवाए जाएंगे। आम व अमरूद के बाद से गंगा तटों पर जमीन खिसकने की समस्या को भी दूर किया जाएगा। पेड़ों की जड़ें तटों को मजबूती प्रदान करेंगी।
गंगा की तराई वाले क्षेत्रों में लगाए जाएंगे बांस के पेड़
आम और अमरूद के अलावा गंगा की तराई वाले क्षेत्रों में गंगा के किनारे जगह जगह पानी भरा रहता है। ऐसे क्षेत्रों में आम और अमरूद के पड़ों के अलावा बांस के पेड़ लगाए जाएंगे। ऐसे क्षेत्रों का चयन करने का काम शुरू कर दिया गया है।
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जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि वन व उद्यान विभाग दोनों मिलकर इस योजना को पूरा करेंगे। इसके लिए जल्द ही शासन द्वारा बजट भी जारी किया जाएगा। कुल मिलाकर बरसात से पहले इसकी तैयारी पूरी कर ली जाएगी। गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने की दिशा में यह पूरा कार्य कराया जाएगा। इससे दूसरे किसानों को भी प्रेरित किया जाएगा।