शमन योजना 2020 खारिज, पांच सौ अवैध निर्माण होंगे वैध
हापुड़। शासन स्तर से 11 साल पुरानी शमन नीति 2010 को बहाल करने और हाईकोर्ट द्वारा शासन की नई शमन नीति 2020 पर रोक लगाने के बाद जिले के करीब पांच सौ लोगों को राहत मिलेगी। अब नया आदेश आने के बाद शहर में पांच सौ से अधिक निर्माण वैध हो सकेंगे। वहीं, प्राधिकरण का राजस्व भी बढ़ेगा।
शहर में सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी विकास प्राधिकरण की है। इसी के हिसाब से प्राधिकरण नक्शा पास करता है। कई बार नक्शे के खिलाफ बने निर्माण को प्राधिकरण से वैध कर दिया गया है। इसके लिए भवन स्वामियों को संबंधित भवन का शमन कराना होता है। इसमें भी धनराशि जमा करनी होती है। पिछले साल जुलाई में शासन स्तर से नई शमन नीति 2020 को लागू किया था। इसमें आसानी से अवैध निर्माणों को वैध किया जा सकता था, लेकिन अक्तूबर में हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। अब नई शमन नीति की छह महीने की समय सीमा 20 जनवरी को खत्म हो चुकी है। ऐसे में अब शासन स्तर से पुरानी शमन नीति को बहाल करने का फैसला लिया गया है।
अब शमन नीति के तहत अवैध निर्माणों को शुल्क देकर वैध कराया जा सकेगा। भूमि उपयोग में लाई जा रही है और जिस पर छोटे-मोटे निर्माण कार्य किए गए हैं। वह शमन योजना के अंतर्गत मानी जाएंगी। इस योजना के तहत ऐसे लोगों को भी रियायत दी जाएगी, जिन्होंने बिना नक्शा पास करवाए मकान का निर्माण करा लिया है। प्राधिकरण क्षेत्र में ऐसे ही करीब पांच सौ भवन स्वामियों को फायदा मिलेगा। जिले में प्राधिकरण द्वारा 480 लोगों को पूर्व में नोटिस जारी किए थे।
एचपीडीए सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि शमन 2020 को खारिज कर दिया गया है। अब पहले की ही तरह भवनों की कंपाउंडिंग होगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन से निर्देश आ गए हैं।