वायु और जल प्रदूषण को रोकेगा समीर एप
हापुड़। अब अगर कहीं खुले में कूड़ा जलता मिला या दूसरे कारणों से प्रदूषण फैलता नजर आया तो आम आदमी भी अपना दायित्व निभाते हुए शिकायत कर सकता है। प्रदूषण पर शिकंजा कसने में सहायक समीर एप अब हापुड़ में भी लांच हो गया है। दिल्ली एनसीआर और बड़े शहरों में अभी इसकी सुविधा लोगों को मिल रही थी। हापुड़ के लोग भी मोबाइल पर समीर एप डाउनलोड कर घर बैठे शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से समीर एप लांच किया गया था। दिल्ली गाजियाबाद सहित दूसरे बड़ों शहरों में वर्ष 2019 में ही इस एप की शुरूआत हो गई थी। इस एप पर आने वाली शिकायतों को उस एरिया के क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी या संबंधित विभाग जैसे नगर पालिका और जल निगम को ट्रांसफर कर दिया जाता है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी शिकायत को पढ़ने के बाद संबंधित विभाग को भेज देता है। इसके बाद उसकी जांच की जाती है। इतना ही नहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उच्चाधिकारियों द्वारा भी इस एप पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की जाती है। निर्धारित समय पर यदि शिकायत का निस्तारण नहीं होता है तो संबंधित विभाग को कारण भी बताना होता है। यदि समस्या का समाधान हो जाता है तो शिकायत के निस्तारण की सूचना शिकायतकर्ता को उसके एप पर ही भेज दी जाती है।
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लोग आसानी से कर सकते हैं शिकायत
अधिकारियों के अनुसार जिले में एप लांच करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को ईडी और पासवर्ड वितरित कर दिए गए हैं। लेकिन आम व्यक्ति को आईडी या पासवर्ड की कोई आवश्यकता नहीं है। आम व्यक्ति एप को मोबाइल में डाउन लोड कर इस्तेमाल कर सकता है। उदाहरण के तौर पर कहीं कूड़ा जलता पाया जाता है तो व्यक्ति उसकी फोटो और विवरण एप के माध्यम से अपलोड कर सकता है। इसके बाद संबंधित विभाग जैसे नगर पालिका इसका संज्ञान लेगा और मामले में कार्रवाई के साथ इसका निस्तारण करेगा। एंड्रायड फोन पर प्ले स्टोर में जाकर समीर एप को डाउनलोड किया जा सकता है। इससे फोटो और लोकेशन भी शेयर की जा सकती है। इसमें डेली की एयर क्वालिटी इंडेक्स की जानकारी मिलने के साथ ही शिकायतों की ट्रैकिंग भी की जा सकती है। अभी तक जो शिकायतें की गई हैं उनमें सबसे अधिक शिकायतें टूटी सड़क की वजह से उड़ने वाली धूल से है। साथ ही फैक्ट्रियों में निकलने वाले जहरीले धुएं से और कूड़ा जलाए जाने की शिकायतें भी भेजी जा रही हैं।
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इसी माह लांच हुआ एप, अभी नहीं आई एक भी शिकायत
जिले में इस एप की शुरूआत इसी माह हुई है और लगभग सभी संबंधित विभागों को आईडी और पासवर्ड वितरित कर दिए गए हैं। लेकिन लोगों में फिलहाल इसे लेकर जागरूकता की कमी है। समीर एप पर जिले में अब तक एक भी शिकायत दर्ज नहीं हो सकी है। वहीं विभागों को शिकायतों का इंतजार है।
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क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि समीर मोबाइल एप जिले के लोगों के लिए लांच कर दिया गया है। इस पर जल और वायु प्रदूषण संबंधी जो भी शिकायतें मिलती हैं, उन्हें निर्धारित समय पर निपटाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को शिकायतें ट्रांसफर कर दी जाएंगी। लोगों को एप के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।