गांवों में विकास कार्यों की योजनाएं पकड़ेंगी रफ्तार
हापुड़। जिले में प्रधानों के वित्तीय अधिकार समाप्त होने के बाद भी विकास का पहिया घूमता रहेगा। 15वें वित्त आयोग द्वारा जिले के 273 ग्राम पंचायतों के खाते में द्वितीय किस्त के रूप में 10.30 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। इस धनराशि को प्रशासक ग्राम पंचायतों की आवश्यकता के अनुसार खर्च कर सकेंगे। हालांकि बजट का उपयोग गांवों में सुलभ शौचालय व पंचायत भवनों का निर्माण प्राथमिकता पर किया जाएगा।
शासन ने पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत जिले को पहली किस्त 10.24 करोड़ रुपये का आवंटन जुलाई माह में किया था। इस धनराशि को प्रधानों और सचिवों के खाते में भेजा गया था। चुनाव से पहले प्रधानों ने अधिकतर धनराशि को समय से पहले ही खर्च कर लिया था। हालांकि अब प्रधानों के अधिकार समाप्त हो चुके हैं और ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिए गए हैं।
हालांकि प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी गांवों में विकास जारी रहेगा। 15वें वित्त आयोग द्वारा अब एक बार फिर दूसरी किस्त के तहत ग्राम पंचायतों के खाते में 10 करोड़ 30 लाख रुपये की धनराशि भेजी है। इस धनराशि से गांवों में सुलभ शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण हो सकेगा। इसके अलावा गांवों में आवश्यकता के अनुरूप नाली, सड़कों और दूसरे विकास कार्य भी कराए जाएंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में प्रवासी मजदूरों को प्रमुखता से कार्य दिया जाएगा। अगली वरीयता स्वयं सहायता समूह व इससे संबंधित संस्थाओं के लिए कार्यस्थल/ अवस्थापना सुविधाओं के विकास की होगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में दो किस्त प्राप्त होनी थी। पहली किस्त जुलाई माह में आई थी। जिसके बाद दूसरी धनराशि का इंतजार किया जा रहा था। इस धनराशि से 273 ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पंचायत भवन और सुलभ शौचालय बनाए जाएंगे। शेष राशि से दूसरे कार्य कराए जाएंगे।
लॉकडाउन के बाद से बाधित पड़े विकास कार्यों के बाद अब जिला में तेजी से कार्य करायें जाएंगे। शासन से जिला पंचायत को 2.20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है।
अपर मुख्य अधिकारी प्रणव पांडेय ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिला पंचायत को चार किस्त जारी होनी हैं, जिसमें प्रथम किस्त के रूप में 15वें राज्य वित्त के तहत 2.19 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। जबकि अब दूसरी धनराशि के रूप में 2.20 करोड़ की धनराशि और जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इस धनराशि से जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य कराएं जाएंगे। फिलहाल जिला पंचायत की प्रशासक डीएम हैं और उन्हीं के माध्यम से जिले के विभिन्न गांवों में आवश्यकता के अनुसार कार्य कराए जाएंगे।