मजदूरों को नहीं रहेगी काम की कमी
हापुड़। जनपद में कोरोना काल के अब मजदूरों को काम की कमी नहीं रहेगी। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग द्वारा इस बार मनरेगा के तहत 6.32 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। जिले के 1740 परिवारों को इस धनराशि से भरपूर कार्य मिलेगा। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह बजट मात्र दो करोड़ था। इस बार बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को देखते हुए भी मनरेगा का बजट बढ़ाया गया है।
कोरोना संकट काल के कारण जिले के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हर वर्ग इस समयावधि में प्रभावित हुआ। सबसे अधिक प्रभावित लोगों में मजदूर वर्ग रहा। इनमें से अधिकतर ऐसे थे, जो बाहर काम धंधा छूटने के बाद अपने अपने घर पहुंचे थे। ऐसे लोगों को ध्यान में रखते हुए इस बार जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग ने मनरेगा के लिए अच्छा खासा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विभिन्न कामों के लिए 6.32 करोड़ का बजट बनाया है। इस बजट से जिले के 1740 परिवारों को काम दिया जाएगा। यह बजट 2,14370 मानव दिवसों के लिए है।
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इन कार्यों के माध्यम से मिलेगा रोजगार
मनरेगा से व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्यों पर बल देते हुए आयुक्त ग्राम्य विकास ने स्थायी परिसंपत्तियों का सृजन करने पर जोर दिया है। इससे भूमि विकास, पौधरोपण, जल संसाधन, आजीविका संवर्धन से संबंधित कार्यों को बढ़ावा दिया जाना है। इन विभिन्न कार्यों के माध्यम से मनरेगा से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूरों को कैटल शेल्टर, गोट शेल्टर, पिगरी शेल्टर, पॉल्ट्री शेल्टर, कंपोस्ट पिट, तालाब निर्माण, खाद के लिए गड्ढों की खुदाई और हर्टिकल्चर की सूची चयनित लाभार्थियों के लिए जारी की जाएगी। इसमें औषधीय एवं सुगंधीय पौधों की खेती करने वाले लाभार्थियों को व्यक्तिगत भूमि पर मनरेगा से भूमि विकास कराने में मदद मिलेगी।
जिला विकास अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिले में 14947 हजार जॉबकार्ड धारक हैं। परिवारों को साल में अधिकतम 100 दिन का रोजगार मुहैया कराया जाना है। वर्तमान में 6960 कार्डधारक एक्टिव हैं। इस बार मनरेगा का बजट बढ़ाया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह बजट दो करोड़ रुपये का था, जिसे अब बढ़ाकर 2021-22 में 6.32 करोड़ कर दिया गया है।