हापुड़ में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने के लिए लेखपालों को फ्लड वॉरियर के रूप में तैयार कराया जाएगा। प्रथम प्रत्योत्तरदाता (फर्स्ट रिस्पांडर) के रूप में बारीकी भी सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षित लेखपाल अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लड वॉरियर की भूमिका भी निभा सकेंगे। आपदा के समय जान-माल के होने वाले नुकसान को भी कम कर सकेंगे।
हर साल मानसून सत्र के समय खादर क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। प्राकृतिक आपदा में काफी नुकसान भी होता है। जबकि विगत दशक में सरकार आपदा प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। तहसील व गांव स्तर पर भी आपदा प्रबंधन की टीमें तैयार की जा रही हैं। जनपद में आपदा के समय टीम वर्क के साथ काम किया जा सके।
चूंकि शहरी क्षेत्र की किसी भी घटना की सूचना तत्काल मिल जाती है, लेकिन शहरों से गांवों की दूरी अधिक होने, रिमोट एरिया जैसे हालात होने, पिछड़ापन, तकनीक की सीमित पहुंच आदि कारणों से सूचना देरी से मिलती है। गांवों तक राहत व बचाव आदि पहुंचाने में समय भी लगता है। हालांकि राजस्वकर्मी गांवों में ही रहते हैं। उनको गांवों की वास्तविक स्थिति की सटीक जानकारी होती है। इसलिए लेखपालों को प्रथम प्रत्योत्तरदाता के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। (संवाद)
आपदा प्रबंधक की बारीकियां सिखाई जाएंगी
क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान गाजियाबाद की टीमें प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन की बारीकियां लेखपालों को सिखाएंगे। आपदा से निपटने के लिए क्या-क्या सावधानी बरती जानी चाहिए, आपदा के समय लोगों की जान कैसे बचाई जा सके आदि बिंदुओं को भी सिखाया जाएगा। लोगों तक तत्काल कैसे मदद पहुंचाई जा सकती है। वहीं लेखपालों का आपदा प्रबंधन क्षमता संवर्द्घन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण 18 से 20 फरवरी तक प्रदान किया जाएगा। जनपद हापुड़ के लेखपालों का प्रशिक्षण क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान गाजियाबाद में होगा।
प्रशासन करेगा लेखपालों को चिह्नित
हापुड़ प्रशासन द्वारा लेखपालों को चिह्नित किया जाएगा। लेखपालों की सूची तैयार कर ग्राम्य विकास संस्थान को भेजनी होगी। इसमें ऐसे लेखपालों को लिया जाएगा। जिन्होंने पूर्व के वर्षों (2019-20) में प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है। जबकि 2019 में जिला मुख्यालय पर 60 लेखपालों को प्रशिक्षित किया गया था। गाजियाबाद पर होने वाले प्रशिक्षण को एडवांस लेवल का माना जा सकता है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व जयनाथ यादव ने बताया कि आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए लेखपालों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। आगामी 18 से 20 फरवरी तक गाजियाबाद में प्रशिक्षण होगा।