कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू ने कलक्ट्रेट पर किया धरना-प्रदर्शन
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय का घेराव किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा। हाईवे व टोल पर भी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्वक ज्ञापन देने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
भाकियू हाईकमान ने 6 फरवरी को चक्का जाम का एलान किया था। इसके चलते जिले को जोन और सेक्टर में बांट दिया गया था। लेकिन शुक्रवार शाम को हाईकमान द्वारा चक्का जाम का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। ऐसे में शनिवार को जिले में एलआईयू सक्रिय रहा और कार्यकर्ताओं की जानकारी लेता रहा। शनिवार को अधिकारियों को जानकारी मिली की किसान कलक्ट्रेट आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। किसान जिला मुख्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है।
किसानों की फसलें एमएसपी पर बिक सकें, इसका कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। किसान एमएसपी के कानून की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस मांग को मानने को तैयार नहीं हैं। दिल्ली में करीब ढाई महीने से धरना प्रदर्शन चल रहा है, फिर भी सरकार अनदेखी कर रही है। गन्ना किसानों का मिलों पर करोड़ों रुपये अटका हुआ है। गन्ना विभाग और प्रशासनिक अधिकारी किसानों का भुगतान नहीं दिला रहे हैं। मांगों के निस्तारण को लेकर ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया।
इस मौके पर सतवीर सिंह, धनवीर शास्त्री, कुशलपाल आर्य, चौधरी यशवीर सिंह, टेनपाल सिंह, ओमपाल सिंह, नानक चंद शर्मा, सुरेश चौहान, विरेंद्र सिंह, उदयवीर सिंह, भगतराम, रामपाल सिंह, जलेंद्र, सुरेंद्र चौहान, संजय चौहान, विकास चौधरी, सतवीर सिंह, चंद्रशेखर, यशपाल गिरी आदि मौजूद रहे।