जिले में 25 क्रय केंद्रों पर होगी गेहूं खरीद
हापुड़। शासन से इस बार गेहूं खरीद के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इस बार मंडी समिति भी गेहूं की खरीद करेगी वहीं समर्थन मू्ल्य में भी 50 रुपये की बढ़ोत्तरी की है। अब समर्थन मूल्य 1975 रुपये होगा। जिले में पूर्व की तरह 25 क्रय केंद्रों के अलावा मंडी समिति द्वारा एक अप्रैल से गेहूं की खरीद होगी। हालांकि फिलहाल शासन की ओर से गेहूं खरीद का नया लक्ष्य नहीं दिया गया है।
जनपद में गेहूं की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है। धान खरीद के बाद शासन के आदेश पर गेहूं खरीद की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शासन ने इस बार गेहूं खरीद की व्यवस्था में बदलाव किया है। इस बार मंडी समिति द्वारा भी गेहूं की खरीद की जाएगी। इससे पहले जिले में केवल खाद्य विभाग, भारतीय खाद्य निगम, पीसीएफ ही गेहूं की खरीद करती थी। यह पहली बार है मंडी समिति को खरीद के लिए आदेश दिए गए हैं। ऐेसे में इस बार गेहूं की रिकार्ड खरीद होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही किसानों के लिए शासन ने समर्थन मूल्य में 50 रुपये की भी वृद्धि कर दी है। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 से बढ़ाकर 1975 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। शासन द्वारा जारी आदेश के बाद डीएम अदिति सिंह ने एडीएम जयनाथ यादव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। शासन से मिले आदेशानुसार इस बार गेहूं के भंडारण और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में शासन द्वारा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि जिले में मंडी समति के अलावा फिलहाल 25 स्थानों पर गेहूं खरीद केंद्र खोलने की योजना है। इसके लिए खरीद में लगी एजेंसियों से प्रस्ताव मांगें गए हैं। शासन से मिले आदेश के बाद गेहूं खरीद की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
फिलहाल जिले को नहीं मिला नया लक्ष्य
जिले में एक अप्रैल से होने वाली गेहूं खरीद के लिए फिलहाल कोई नया लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। पिछले वर्ष जिले को गेहूं 1.50 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। जिसके सापेक्ष जिले में 3902 किसानों से 1.19 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। इसके लिए इन सभी किसानों को 22.95 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।
एक मार्च से शुरू हो जाएगा पंजीकरण
गेहूं खरीद के लिए किसानों द्वारा एक मार्च से पंजीकरण शुरू हो जाएगा। बिना पंजीकरण किसान अपना गेहूं नहीं बेच सकेंगे। किसान स्वयं मोबाइल के अलावा जन सूचना केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।