श्यामनगर में बंदरों के उत्पात में छह घायल, दो की टूटी हड्डी
हापुड़। जिला मुख्यालय से महज चंद किलोमीटर दूर स्थित श्यामनगर गांव में बंदरों के एक दल ने छत पर बैठी युवतियों पर हमला बोल दिया। इसमें आधा दर्जन से अधिक को गंभीर चोट आई हैं, दो लड़कियां डर के कारण छत से कूद र्गइं, जिनकी पैरों की हड्डी टूट गई। इनमें से एक युवती की बरात अगले महीने आनी है। वहीं बंदर इतने आक्रामक थे कि घर के अंदर घुसकर भी बंदरों ने हमला किया। स्थानीय लोगों के पहुंचने पर बंदर वहां से भागे। आनन फानन में ग्रामीणों ने चिकित्सक के यहां उपचार कराया। गुस्साए ग्रामीणों ने भाकियु भानु के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की।
शहर से लेकर देहात तक बंदरों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि लोग घरों की छत पर जाने से भी डरते हैं। हापुड़ शहर से सटे गांव श्यामनगर में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। गत दिनों भी एक बच्ची पर बंदरों ने हमला बोला था जिसमें बच्ची के पैर की हड्डी टूट गई थी वहीं शनिवार को भी बंदरों ने छत पर बैठी युवतियों पर हमला बोल दिया। इस दौरान दो युवतियां खुशबू पुत्री मनोज और रिषिका पुत्री छंगा छत से कूद गईं, जिससे उनकी पैर की हड्डी टूट गई। इसके अलावा सोनम पुत्री मांगेराम के पैर में भी फ्रेक्चर आया है, जबकि वंसना पुत्री छंगा के दोनों घुटने बुरी तरह जख्मी हो गए। बता दें कि वंसना की शादी अगले महीने है, 16 फरवरी को बरात आनी है।
रूबी और पारुल को भी बंदरों ने काटकर घायल कर दिया। वहीं युवतियों की चीख सुनने के बाद ग्रामीण मौके पर दौड़े तथा बंदरों को वहां से भगाया। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए चिकित्सक के यहां पर भर्ती कराया गया। घायलों ने बताया कि बंदर छत के अलावा घरों में घुसकर भी लोगों पर हमला कर रहे थे। गुस्साए ग्रामीणों ने भाकियू भानु के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की। भाकियू के नगर अध्यक्ष राजवीर सिंह भाटी ने बताया कि बंदरों को पकड़वाने के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है। लेकिन राहत नहीं मिल सकी है। जल्द बंदरों को नहीं पकड़वाया तो जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। इस मौके पर सिपट्टर प्रधान, सुधीर त्यागी, सियानंद त्यागी, माहू, मांगेराम, मनोज आदि मौजूद रहे।
एसडीएम सत्यप्रकाश ने बताया कि संबंधित विभागों को निर्देशित कर, ग्रामीणों को बंदरों के आतंक से राहत दिलाई जाएगी।