कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने तेज किया आंदोलन
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का दिल्ली में 41 दिन से आंदोलन जारी है, ऐसे में अब जिले के अंदर गांवों में पंचायतों का दौर शुरू हो गया है। किसानों से कानून के विरोध में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है। वहीं, धरनारत किसानों के लिए हापुड़ से ही बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को भी दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में प्रतिभाग किया।
भाकियू के मंडल महासचिव ज्ञानेश्वर त्यागी ने कहा कि सरकार ने कृषि कानून बनाकर किसानों को संकट में डाल दिया है। यह कानून पूंजीपतियां को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है। दिल्ली में किसान बीते 41 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन उनकी बात सुनी नहीं जा रही है। सरकार ने दो मांगे किसानों की मानी हैं, लेकिन मुख्य मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कृषि कानून को वापस लिए जाने और एमएसपी का कानून बनाए जाने की मांग को लेकर किसान दिनरात धरने पर डटे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांग को मानने को तैयार नहीं है। इससे साफ पता चलता है कि सरकार किसान विरोधी है और वह किसी भी तरह किसानों को खुशहाल नहीं देखना चाहती है।
आंदोलन को रफ्तार देने के लिए जिले में अब ग्रामीण पंचायतों का दौर शुरू हो गया है। कार्यकर्ता पंचायत कर किसानों को इन कानूनों की खामियों को किसानों को बता रहे हैं। इतना ही नहीं जिले से बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री धरने में शामिल किसानों के लिए भेजी जा रही है। मंगलवार को जिले से दिल्ली रवाना होने वालों में कुलदीप राठी, प्रदीप तेवतिया, गौरव, राहुल, धर्मवीर त्यागी, सचिन त्यागी, अमित त्यागी, सुशील त्यागी, राजकुमार त्यागी, मुकेश त्यागी, विपिन त्यागी, सुशील त्यागी, पप्पू, पुनीत शर्मा, दीपेश त्यागी, सत्यप्रकाश त्यागी, मुकेश त्यागी, विजेंद्र त्यागी, मनवीर सिंह, जोगिंदर सिंह, सुखपाल सिंह आदि मौजूद रहे।