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पूरे परिवार की बिना जांच के ही पोर्टल पर डाल दी कोरोना रिपोर्ट

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पूरे परिवार की बिना जांच के ही पोर्टल पर डाल दी कोरोना रिपोर्ट
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हापुड़। कोरोना की जांच में बड़ा खेल सामने आया है। बाबूगढ़ केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक व केंद्रीय विद्यालय संगठन के तैराकी कोच के पूरे परिवार का गोरखपुर में बिना टेस्ट कराए ही पोर्टल पर उनकी रिपोर्ट निगेटिव दर्शा दी गई है, जबकि उनका परिवार हापुड़ में ही रह रहा है गोरखपुर गया ही नहीं। शिक्षक जरूर अपने ससुर की देखभाल के लिए गोरखपुर गए थे, जो जांच में वहां पॉजिटिव आए थे। कोरोना जांच में घपले की शिकायत शिक्षक ने सीएम पोर्टल पर की है, साथ ही हापुड़ के स्वास्थ्य विभाग को भी पत्र भेजने की बात कही है।
केंद्रीय विद्यालय बाबूगढ़ के शिक्षक रामानंद राव ने बताया कि ससुर की हालत बिगड़ने पर वह गोरखपुर गए थे। जहां 29 अक्तूबर को जांच में वह कोरोना पॉजिटिव निकले थे, गोरखपुर में ही उन्हें आईसोलेट कराया गया था। संक्रमण काल का निर्धारित समय पूरा होने के बाद वह स्वस्थ हो गए। जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई, लेकिन गोरखपुर के स्वास्थ्य विभाग ने जांच में बड़ा खेल कर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी माता प्रभावती, पिता जयराम राय, उनकी बेटी राम्या, पत्नी रानी तिवारी व बाबूगढ़ केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक मुकेश कुमार की जांच रिपोर्ट निगेटिव दर्शाकर पोर्टल पर चढ़ा दी गई। बताया गया है कि रामानंद राव के परिवार के जिन सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव दिखाई गई है। वह न तो गोरखपुर गए हैं और न ही उनकी आज तक जांच को सकी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि वहां के स्वास्थ्य विभाग ने किस तरह परिजनों की जांच की पुष्टि कर दी। प्रदेश सरकार कोरोना की जांच के मामले में खुद को अव्वल श्रेणी में रखने की जदोजहद में हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह फर्जी रिपोर्ट तैयार करने से कोरोना की जांच भी संदेह के घेरे में आ गई हैं।
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दिलचस्प बात यह है कि किसी भी मरीज की कोरोना जांच तब होती है जब वह अपना आधार कार्ड मुहैया करा दे, लेकिन शिक्षक के पूरे परिवार की रिपोर्ट रामनंद राव के आधार कार्ड के आधार पर ही तैयार की गई है। इस मामले में शिक्षक ने सीएम पोर्टल पर शिकायत की है, साथ ही गोरखपुर के सीएमओ कार्यालय में भी टवीट किया है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को भी पत्र भेजा जा रहा है।
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कोट
सीएमओ डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पूरा मामला गोरखपुर से जुड़ा है, फिर भी यदि उनके पास शिकायती पत्र आता है तो वह इस प्रकरण की आवश्यक जांच कराएंगी।
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