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जिले में सरकारी विभागों पर 2.42 करोड़ का बिजली बिल बकाया

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amar ujala - फोटो : amar ujala
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जिले में सरकारी विभागों पर 2.42 करोड़ का बिजली बिल बकाया
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हापुड़। सरकारी विभागों पर ऊर्जा निगम की करीब 2.42 करोड़ रुपये बकायेदारी है, जिसे जमा कराने के लिए लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। लेकिन बकाया बिलों के भुगतान में विभाग रूचि नहीं ले रहे। इससे निगम अफसरों की सिरदर्दी बढ़ रही है।
जिले में बेहतर बिजली व्यवस्था देने के लिए बिलों का भुगतान जरूरी है। सरकार द्वारा राष्ट्रहित में बिजली बचाने व समय से बिल जमा करने का संदेश दिया जाता है। लेकिन बात जब उनके विभागों पर आती है तो वह खुद ही इस संदेश की धज्जियां उड़ा देते हैं। आलम यह है कि जिले के कई सरकारी विभागों पर सालों से बकायेदारी चली आ रही है, जो अब बढ़कर 2.42 करोड़ पहुंच गई है।
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इसमें सबसे अधिक बकायेदारी प्राथमिक स्कूलों की है, जिनका करीब 90 लाख का बिल बकाया है।
राज्य वित्त से अब ग्राम प्रधान गांवों में चल रहे प्राथमिक स्कूल, पानी की टंकी, पंचायत घरों के बकाया बिजली बिलों का भुगतान करेंगे। मार्च 2018 से यह व्यवस्था लागू मानी जाएगी। शासन से आए आदेशों में अब ग्राम प्रधानों को स्कूल, पानी की टंकी, पंचायत घरों का बिल राज्य वित्त से जमा करने का उल्लेख किया गया है। यह आदेश 14वें वित्त आयोग में जारी हुआ था। इसके बाद से पानी की टंकियों के बिल जमा कराने शुरू कर दिए गए हैं। वहीं, प्राथमिक स्कूलों की बकायेदारी के भुगतान के लिए बीएसए अर्चना गुप्ता द्वारा शासन को डिमांड भेजी गई है। कुल मिलाकर राज्य वित्त से स्कूल, पानी की टंकी, पंचायत घरों का अब भुगतान होगा, इससे बकायेदारी में काफी हद तक कमी आएगी।
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अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि शासन से आदेश आ चुका है। राज्य वित्त से स्कूल, पानी की टंक, पंचायत घरों का पैसा अब ग्राम प्रधान जमा करेंगे। स्कूलों पर निगम का करीब 90 लाख रुपये बकाया है, जिसे जमा कराने के लिए कई बार नोटिस भी जारी किए गए हैं।
डीपीआरओ यावर अब्बास अली ने बताया कि राज्य वित्त से बकाया बिल जमा करवाया जा रहा है। जैसे ही पैसा आएगा बचा बिल भी जमा करा दिया जाएगा।
सरकारी विभागों पर बकायेदारी
विभाग बकायेदारी
प्राथमिक शिक्षा 89.85 लाख
पंचायती राज 57.35 लाख
चिकित्सा 32.16 लाख
गृह 18.87 लाख
पशुधन 18.28 लाख
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