एक करोड़ से सुरक्षित होंगी जिले की सड़कें
हापुड़। घने कोहरे के दौरान हाईवे पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सभी ब्लैक स्पॉट का चयन कर वहां रिफ्लेक्टर व साइन बोर्ड लगवाने का निर्णय लिया है। इसके लिए करीब एक करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया। इसके तहत जिले के राज्य मार्ग, जिला मार्ग और प्रमुख जिला मार्गों पर साइन बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग, कैट आइज आदि लगाकर सड़कों को सुरक्षित किया जाएगा।
जनपद से बाहर निकल रहे हाईवे की स्थिति का काफी बेहतर हो गई है। दिल्ली, मुरादाबाद, मेरठ और गाजियाबाद की ओर जाना हो तो एक अलग ही सुखद अनुभव का एहसास होता है। लेकिन शहर के अंदर सड़कों की स्थिति खराब है। यहां साइन बोर्ड, जेब्रा क्रासिंग और कैट आइज की कमी है। ब्लैक स्पॉट पर तो किसी प्रकार का संकेतक और रिफ्लेक्टर भी नहीं है। ऐसी स्थिति में जिले में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। घने कोहरे में भी हादसों की संभावना बढ़ गई है। इन हादसों में ब्लैक स्पॉट सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। लेकिन अब शहर के अंदर की सड़कें भी संकेतक और लाइटों से लैस होगी। लोकनिर्माण विभाग ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है। शासन ने सड़कों पर सुरक्षित और हादसे रोकने के लिए आगामी वर्षों के लिए योजना बनाई है। सतत विकास लक्ष्य के तहत शुरू होने वाली इस मुहिम में हापुड़ समेत 46 जिलों को शामिल किया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग से प्रस्ताव मांगा है। लोक निर्माण विभाग करीब एक करोड़ का खर्च कर जिले की सड़कों को सभी व्यवस्थाओं से दुरुस्त करेगा। इसके लिए उन स्थानों चयन किया जाएगा, जहां पर दुघर्टनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। इन ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए साइन बोर्ड और संकेतक आदि का प्रयोग किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोत कुमार का कहना है कि विभाग सड़कों बेहतर बनाने के साथ साथ उन्हें सुरक्षित बनाने पर भी जोर दे रहा है। शासन की पहल से जल्द ही शहर के अंदर की सड़कें भी पूरी तरह से दुरुस्त होंगी।
चार सड़कों के लिए बनाई योजना
विभागीय अफसरों के मुताबिक, जिले की चार सड़कों को सुरक्षित और सड़क हादसे रोकने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। इन सड़कों पर स्पीड ब्रेकर, टेबल टॉप, साइन बोर्ड, बैरियर, रंबल स्ट्रिप, जेब्रा क्रासिंग, कैट आइज, रिपीटेड बार, डेलिनेटर्स आदि लगाने का कार्य किया जाएगा।
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सड़कों पर नहीं हैं सुविधाएं
जिले के बाहर हाईवे चकाचक हैं और सभी सुविधाओं से लैस हैं। लेकिन जब जिले के अंदर की बात आती है तो जिले के अंदर व्यवस्थाओं की कमी खलती है। यहां ट्रैैफिक सिग्नल तक नहीं हैं। जबकि दो चौराहे इतने व्यस्त हैं कि इन पर 24 घंटे वाहनों की लाइनें लगी रहती हैं। ऐसे में सड़के साइन बोर्ड और जेब्रा क्रासिंग आदि से लैस होंगी तो शहर की सड़कों का नजारा कुछ और होगा।